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ट्रेन कागजी ट्रैक पर दौड़ रही – वास्तव में  पिछले 2 वर्ष से बंद

ट्रेन कागजी ट्रैक पर दौड़ रही – वास्तव में  पिछले 2 वर्ष से बंद
बीजेपी सरकार द्वारा गत पांच वर्षों का कार्यकाल बना सवाल
फर्रुखनगर रेलवे स्टेशन की अधूरी मांगों पर लोगों में रोष

 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम ।  देश में भले ही चुनावी सरगर्मिया तेज हो गई हो लेकिन फर्रुखनगर क्षेत्र की जनता ने अभी अपना रुख विपरित ही बनाया हुआ है। वर्षो पुरानी रेल सम्बधी विभिन्न मांग पूरी नहीं होने के कारण लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का मानना है कि नेताओं की घोषणाएं तो दूर केंद्र सरकार की बजट में पारित एेजेंडों को भी धरातल पर नहीं उतारा गया है। लोगों में लोस चुनाव में नेताओं को उनके वायदे याद दिलाने के लिए वक्त का इंतजार  है। ताकि भविष्य में उनकी पैंडिंग चली आ रही मांगों को पूर्ण किया जा सके।
दैनिक रेल यात्री संघ के संस्थापक भीम सिंह सारवान, अध्यक्ष हरभजन सिंह बाजवा, छतर सिंह, भूलेराम, पंडित नित्यानंद याकुबपुर, राजपाल शर्मा आदि ने कहा कि फर्रुखनगर –सुल्तानपुर- कालियावास रेलवे स्टेशन से 35-40 गांवों के लोग जुडे़ हुए है। बावजूद इसके भी रेल प्रशासन की बेरुखी, उपेक्षा दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। कहने को तो केंद्र व राज्य सरकार के शिर्ष नेता , क्षेत्रिये सर्मथक दावा करते है कि गत पांच वर्षोँ में सरकार द्वारा सभी वर्ग व सभी क्षेत्रो को समानता से सबका साथ सबका विकास पर जोर दिया गया है।  लेकिन धरातल पर यहां देखे तो गत पांच वर्षो में फर्रुखनगर शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र को एेसी कोई सौगात नहीं मिली और उनकी समस्याओं पर भी फोकस नहीं किया गया है।
इंद्रजीत ने 6 जून 2013 को दिखाई झंडी
उन्होंने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने 6 जून 2013 को फर्रुखनगर- दिल्ली के बीच डीएमयू यात्री को फर्रुखनगर से हरी झंडी दिखाई थी। उसी दिन से क्षेत्र के लोग डीएमयू गाडी को रविवार को भी चलाने की मांग करते आ रहे है। लेकिन उनकी समस्या का निदान किसी ने नहीं किया गया। एक यात्री गाड़ी जो सुबह 4 बजे फर्रुखनगर- दिल्ली के चलती थी । रेल विभाग की समय सारणी वह गाडी इस ट्रैक पर चल रही है। वास्तव में वह गाडी पिछले 2 सालां से बंद है। दिल्ली- फर्रुखनगर के बीच चलाई जा रही जनता एक्सप्रैस अप्रैल माह 12 दिन में मात्र एक ही फेरा लगा पाई है। डीएयू गाडिय़ां जो यहां पर चल रही है वह माल गाडिय़ों के आवागमन की वजह से 2-2 घंटा लेट चल रही है।
 
गढ़ी-फर्रूखनगर विद्युतिकरण भी लटका
गढ़ी हरसरु जं. से फर्रुखनगर खंड के बीच बिजली करण होना था, बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में उसकों स्वीकृति प्रदान की थी। वह मामला भी खटाई में पड़ गया है। फर्रुखनगर स्टेशन से एक दिन में एक मारुति-टाटा व अन्य कम्पनियों की गाडिय़ों का ट्रेक लोड हो रहा है। उसे गुरुग्राम से बुक किया जा रहा है। और अभी तक इस की आमदनी गुरुग्राम अपने खाते में दिखा रहा है। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी व राजनेता का फर्रुखनगर रेलवे स्टेशन के विकास बाबत कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे लोगों में रोष बना हुआ है।