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दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की घोर निंदा

दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की घोर निंदा

-दोनों ही पार्टियां मिलकर देश के मेहनतकश वर्ग को मिलकर लूटने का कार्य कर रही हैं

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरूग्राम  । पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा संबंधित नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की घोर निंदा करती है । क्योंकि दोनों ही पार्टियों ने पुरानी पेंशन को बहाल करने का मुद्दा चुनाव घोषणा पत्र 2019 में शामिल नहीं किया। दोनों ही पार्टियां मिलकर देश के मेहनतकश वर्ग को मिलकर लूटने का कार्य कर रही हैं । पुरानी पेंशन को भारतीय जनता पार्टी की  अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व वाली सरकार और कांग्रेस की  मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने मिलकर बंद किया था। दोनों ही पार्टियां पूरी तरह से पूंजीपतियों की गुलाम बन चुकी हैं । और मिलकर इस प्रकार के नियम बनाने जा रही हैं। जिससे कि देश में पूरी तरह से पूंजीवादी व्यवस्था लागू हो सके और केवल कुछ पूंजी पतियों को ही मुनाफा हो सके। बाकी समाज कहीं पर जाए इन दोनों पार्टियों को कोई लेना देना नहीं। दोनों ही पार्टियों ने पेंशन जो कि कर्मचारियों का बुढ़ापे का सहारा होती थी। उसके पैसे को भी शेयर मार्केट के जुए में लगा दिया है। आज के कर्मचारी , शिक्षक और अधिकारी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं कि उनसे पूछे बगैर उनके जीवन की गाढ़ी कमाई को शेयर मार्केट में क्यों लगा दिया है।

यहां तक कि जिन अर्धसैनिक बलों की वजह से पूरे देश में शांति रहती है । अर्धसैनिक बलों की भी पुरानी पेंशन बंद करके नई पेंशन में डाल दिया गया है। नई पेंशन स्कीम में ना तो कोई महंगाई भत्ता बढ़ेगा, ना ही कोई पे कमीशन लागू होगा और ना ही उम्र बढ़ने के साथ-साथ कोई बढ़ोतरी होगी और ना ही सेवानिवृत्ति के बाद कोई मेडिकल सुविधा मिलेगी । इससे सिद्ध होता है की नई पेंशन स्कीम पूरी तरह से पूंजीपतियों के खजाने को भरने का काम करेगी और 60 लाख कर्मचारियों , शिक्षकों और अधिकारियों के बुढ़ापे को खराब करेगी और यदि नई पेंशन स्कीम इतनी ही अच्छी है तो देश के माननीय सांसदों और विधायकों को भी नई पेंशन स्कीम का लाभ लेना चाहिए।

पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा दोनों ही पार्टियों की इस विचारधारा का पुरजोर विरोध करती है कि दोनों ही पार्टियां मिलकर देश को लूटने का कार्य कर रही हैं । कई सांसदों और विधायकों ने पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए आवाज भी उठाई । परंतु ना तो कांग्रेस ने और ना ही भारतीय जनता पार्टी ने पुरानी पेंशन को बहाल करने का घोषणा पत्र में कोई वायदा किया । इस कारण कर्मचारियों में दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है । और यह आक्रोश लोकसभा आम चुनाव में दिखाई भी देगा और दोनों ही पार्टियों को इसका खामियाजा आम चुनाव में भुगतना पड़ेगा। कोई भी पार्टी मेहनतकश की आवाज को ना सुनकर सत्ता की प्राप्ति नहीं कर सकती है। आगामी लोकसभा चुनाव का परिणाम यह दिखा देगा। जब तमाम मेहनतकश वर्ग वोट के अधिकार का प्रयोग करेगा। यदि इन दोनों पार्टियों को सत्ता में आना है तो पुरानी पेंशन बहाल करने के वायदे को चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करना चाहिए।