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भावनात्मक स्थिरता के लिए सकारात्मक चिंतन जरूरी- डा. मोहित गुप्ता

भावनात्मक स्थिरता के लिए सकारात्मक चिंतन जरूरी- डा. मोहित गुप्ता

संबंधों में तनाव का मूल कारण भावनात्मक परिवर्तन- महेश दायमा

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

ब्रह्माकुमारीज़ के सेक्टर ५६-५७,सनसिटी स्थित सेवाकेन्द्र द्वारा सामुदायिक केन्द्र पर ‘भावनात्मक स्थिरता’ विषय पर एक प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए स्थानीय पार्षद महेश दायमा ने कहा कि वर्तमान समय भावनात्मक स्थिरता की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहाकि संबंधों में आने वाले तनाव का मूल कारण भी भावनात्मक परिवर्तन ही है। योग से ही हम भावनाओं को नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़संस्था विश्व में आध्यात्मिक सशक्तिकरण के द्वारा मानव को भावनात्मक रूप से सशक्त कर रही है।कार्यक्रम में विशष रूप से जी.बी. पंत अस्पताल, दिल्ली के हृदयरोग विशेषज्ञ डा. मोहित गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भावनात्मक स्थिरता कोबढ़ाने के लिए मन का सकारात्मक होना बहुत जरूरी है। सकारात्मक एवं शुद्ध विचारों के द्वारा ही हम अपनी भावनाओं को स्थिर रख सकते हैं। उन्होंने कहा किभावनात्मक अस्थिरता का असली कारण अपेक्षाओं और उपेक्षाओं के भाव हैं। दूसरों से अत्यधिक अपेक्षायें धीरे-धीरे निराशा और नकारात्मकता का रूप ले लेती हैं।उन्होंने कहा कि राजयोग के द्वारा हमारा मन सकारात्मक और पवित्र होता है। एक शान्त एवं स्थिर मन ही भावनात्मक रूप से स्थिर हो सकता है। उन्होंने कहा किजीवन में हम सभी को स्वीकार करें। हरेक व्यक्ति का अपना जीवन है। किसी से कोई शिकायत न हो। उन्होंने कहा कि हम दूसरों के बदलने की चिंता न करें बल्किपहले स्वयं को बदलें। डा. गुप्ता द्वारा कराये गए योग अभ्यास से सभी ने शांति की गहन अनुभूति की। कार्यक्रम के प्रारम्भ में पुष्पगुच्छों के द्वारा अतिथियों कास्वागत किया। साथ ही बाल कलाकारों ने नृत्य के द्वारा सबका स्वागत किया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य व्यक्तियों सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन बी.के. भावना और बी.के. हुसैन ने किया।