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हाई कोर्ट का हुडा जिमखाना क्लब में बने अवैध बैंकट हाॅल को हटाने का आदेश – अभय जैन

हाई कोर्ट का हुडा जिमखाना क्लब में बने अवैध बैंकट हाॅल को हटाने का आदेश – अभय जैन
-110 करोड़ रुपये के घोटाले का हुआ पर्दाफाश

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

लम्बे इन्तजार के बाद सेक्टर-29 स्थित हुडा जिमखाना क्लब के मैदान में बने अवैध बैंकट हाॅल को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने 9 मई 2019 तक हटाने के आदेश दिए है।
हाई कोर्ट के न्यायधीश श्री राज मोहन सिंह ने अपने 8 अप्रैल के आदेश में स्पष्ट कहा कि बिल्लू टैन्ट हाऊस को 4 सप्ताह (9 मई 2019 तक) के अन्दर मैदान में बने बैंकट हाॅल के सभी सामानों को हटाकर खाली मैदान को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को सौंपना होगा। ऐसा न करने पर प्राधिकरण को बचा हुआ सामान जब्त करने और बिल्लू टैन्ट हाऊस के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने का अधिकार होगा।
हुडा जिमखाना क्लब और बिल्लू टैन्ट हाऊस के बीच हुए 21 सितम्बर 2017 के समझौते के अनुसार 45 लाख रुपये तक का नुकसान जिमखाना क्लब को भरना था, जिसके एवज् में जिमखाना क्लब ने कोर्ट के अन्दर ही 20,05,186 रुपये बिल्लू टैन्ट हाऊस को दे दिए और जिमखाना क्लब ने 24,94,814 रुपये बिल्लू टैन्ट हाऊस से देन-दारी के रुप में काट लिए। अर्थात् जिमखाना क्लब ने बिल्लू टैन्ट हाऊस के 45 लाख रुपये के नुकसान की भरपाई की हैं।
     प्रैसवार्ता को सम्बोधित करते हुए मानव आवाज संस्था के संयोजक एवं क्लब के सदस्य एडवोकेट अभय जैन और संस्था के सचिव एवं क्लब के सदस्य जगत यादव ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि क्लब के सदस्यों को इस घोटाले के खिलाफ न्याय पाने के लिए तीन बार हाइकोर्ट के दरवाजे पर दस्तक देनी पड़ी। उनके साथ कल्याण सिंह शर्मा (सेवानिवृत्त आई आर एस), बनवारी लाल सैनी, कुलबीर सिंह सिरहोन, धर्मवीर, रसपाल सिंह, नीरज सलूजा, आर के सैनी, अजीत शर्मा, ओपी दहिया, अश्विनी डाबरा, योगेश डाबरा, एस के बेदी, कैप्टन राज चोपड़ा, संजय जैन, शम्मी अहलावत, अनिल यादव, हेमन्त वशिष्ठ, वाई आर ढींगरा, ऋषभ जैन इत्यादि सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई है।
     ज्ञात रहे वर्ष 2017 में मानव आवाज संस्था और क्लब के सदस्यों ने सेक्टर-29 स्थित हुडा जिमखाना क्लब के मैदान में बने अवैध बैंकट हाॅल को किराए पर देने में विभाग के 110 करोड़ रूपये के घोटाले से पर्दा उठाया था जिसको बिल्लू टैन्ट हाऊस को 9 वर्ष के लम्बे पट्टे पर दे दिया गया था।
    सभी नियमों को ताक पर रखकर जिमखाना क्लब के तत्कालीन प्रधान और हुडा प्रशासक यशपाल यादव और क्लब के तत्कालीन महासचिव और हुडा सम्पदा अधिकारी-2 विवेक कालिया आदि शीर्ष अधिकारियों ने 21 सितम्बर 2017 को गुरुग्राम सेक्टर-29 स्थित हुडा जिमखाना क्लब का लगभग आधा हिस्सा (11,221 गज) मात्र 35 लाख रूपये प्रतिवर्ष के हिसाब से किसी टेंडर, ई-टेंडर और अखबार में विज्ञापन दिये बिना बिल्लू टैन्ट हाऊस के साथ मिली भगत करके 9 वर्ष के लिए किराए पर दे दिया था। जबकि हुडा विभाग की अपनी पाॅलिसी के हिसाब से किराया 12 करोड़ 58 लाख रूपये प्रतिवर्ष बनता है। अर्थात् 9 वर्ष की अवधि में विभाग का नुकसान 110 करोड़ 15 लाख रूपये आंका गया है।
     इस घोटाले को उजागर करने के बाद मानव आवाज संस्था और क्लब के सदस्यों ने शीर्ष अधिकारियों और कोर्ट से इस फर्जी समझौते को खारिज करने की अपील की थी।
     बिल्लू टैन्ट हाऊस ने निचली अदालत में स्टे के लिए अर्जी दी जिसे न्यायधीश अभिषेक फुटेला ने 4 दिसम्बर, 2017 को नामंजूर कर दिया था। बाद में सत्र न्यायधीश संदीप दुग्गल ने भी 29 जनवरी 2018 को स्टे देने से इंकार कर दिया। लेकिन जब मामला पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट पंहुचा तो इसने नया मोड़ ले लिया। 30 मई, 2018 को हाई कोर्ट ने मूल्यांकनकर्ता रतन लाल की नियुक्ति कर दी। उसे दो सप्ताह के भीतर कल्ब में बने बैंकट हाॅल तथा उसकी वस्तुओं की मूल्यांकन रिपोर्ट देने को कहा गया। इस दौरान बैंकट हाॅल में बाकायदा वीवीआईपी लोगों के समारोह आयोजित होते रहे।
       जब मूल्यांकन रिपोर्ट पर कोई प्रगति नहीं हुई तो क्लब के सदस्यों ने हाई कोर्ट में पुनः गुहार लगाई तथा कोर्ट ने एक नया मूल्यांकनकर्ता सुरिन्द्र कुमार को नियुक्त कर दिया।
पिछले वर्ष जुलाई 2018 में इस अवैध बैंकट हाॅल को सील कर दिया गया था।
     ज्ञात रहे सदस्यों की मांग पर 110 करोड़ रूपये के घोटाले में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ स्टेट विजिलेंस ब्यूरो और गुरुग्राम जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के स्तर पर दो जांच लम्बे समय से चली आ रही है।