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संवेदनहीनता की तरफ क्यों बढ़ रहे हम: सच्चिदानंद

संवेदनहीनता की तरफ क्यों बढ़ रहे हम: सच्चिदानंद
बधाई संदेश आते हैं ं, लेकिन शव यात्रा में नही पहुंचते
आज सूचना की अधिकता है व उसे परोसने की जल्दी

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम ।  वैश्वीकरण के कारण हम मान लेते हैं कि जो सच हमारे पास है वही सत्य है। फेसबुक पर आज ढेरों बधाई संदेश आते हैं , लेकिन वहीं किसी की शव यात्रा पर कोई नही पहुंचता और लोग सिर्फ आरआईपी लिख कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर देते हंै। हम दरअसल आईसोलेशन की तरफ बढ़ रहे है। ये कहना था इंदिरा गंाघी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव प्रो सच्चिदानंद जोशी का जो एसजीटी यूनिवर्सिटी के मास कम्यूनिकेशन व मीडिया टेक्नोलॉजी संकाय द्वारा आयोजितं दो दिवसीय नेशनल कॉनफ्रेंस  मंथन 2019 पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो सच्चिदानंद जोशी ने सेमिनार के आयोजको को बधाई दी व कहा कि मीडिया साक्षरता प्रसांगिक विषय है। अपने भाषण में उन्होने बताया कि अतिसूचना के इस दौर में आज सूचना की अधिकता है व उसे परोसने की जल्दी है । आज जितने माध्यम हो गये है उतना ही उनके प्रति अविश्वास है। यह समझना मुश्किल है कि हम मीडिया को कन्ज्यूम कर रहे हैं या मीडिया हमें। मीडिया साक्षरता विषय पर आयोजित इस कॅानफ्रेंस में देश भर के मीडिया शिक्षको व शोध कर्ता भाग ले रहे हंै। इस मौके पर शोध पत्रो की स्मारिका व संकाय के पाक्षिक न्यूजलेटर एसजीटी टाईम्स का विमोचन भी किया गया।
विकास ने सुविधाएं दी तो चुनौतियां भी दी
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि व वरिष्ठ पत्रकार सतीश जैकब ने कहा कि तकनीकि के विकास ने हमें बहुत सी सुविधाएं दी हैं तो कुछ चुनौतियां भी दी है। इंदिरा गांधी की हत्या से जुडे एक किस्से को सुनाते हुए उन्होंने बताया कि एक समय था जब हमें आईएसडी कॉल करने के लिये बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी वहीं आज स्मार्ट फोन के दौर में दुनिया के किसी कोने में किसी से बात करना कितना आसान है।  कॉनफ्रेंस  की मुख्य वक्ता आईआईएमसी दिल्ली के न्यू मीडिया विभाग की अध्यक्ष डॉ अनुभूति यादव ने मीडिया एवम इंर्फोमेशन लिटरेसी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस तरह मीडिया साक्षरता की आवश्यक्ता को समझते हुए सीबीएससी बोर्ड ने उच्च माघ्यमिक शिक्षा में मीडिया शिक्षा को सम्मिलित किया है। मिस इंफोरमेशन व डिस इंर्फोमेशन को समझाते हुए उन्होन बताया कि सोशल मीडिया पर आई किसी भी जानकारी को आगे भेजने से पहले हमें उसके सूत्र की जांच अवश्य करनी चाहिये। इसके लिये गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च पर जाकर किसी भी फोटोग्राफ की विश्वसनीयता की जांच की जा सकती है।इसके साथ ही दूसरे सर्च इजन पर जांच करने के लिये टिन आई इमेज वैरिफिकेशन टूल का प्रयोग किया जा सकता है।
 
मीडिया साक्षरता समय की जरूरत
संकाय के प्रोफेसर डॉ मुकेश कुमार ने कॅानफ्रेंस के विषय पर प्रकाश डाला । अतिथियों का परिचय देते हुए मीडिया संकाय के डीन प्रो संजीव भानावत ने कहा कि मीडिया साक्षरता समय की जरूरत है। तकनीकि क्रांति ने मीडिया के अर्थ बदल कर रख दिये है। एसे में क्या पढें , क्या सुनें व क्या देखें , इसके लिये हमें आलोचनात्मक दृष्टि अपनानी चाहिये।  कॅानफे्रंस के पहले तकनीकि सेशन में डॅा सरजू देवी की अघ्यक्षता में मीडिया साहित्य व  भाषा विषय पर आठ शोध पत्र प्रस्तुत किये गयेे। इसके साथ ही दूसरे तकनीकि सेशन में डॅा अमिताभ श्रीवास्तव व शोभा धनवाटे की अघ्यक्ष्ता में सोशल मीडिया के संदर्भ में मीडिया साक्षरता विषय पर सात शोध प़़त्र प्रस्तुत किये गये। एस के पांडे ने  अतिथियों का स्वागत किया । कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर अपूर्वा अग्निहो़त्री ने किया।