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राष्ट्रीय शहीद स्मारक में नहीं दर्ज हुए अहीरवाल के कई रणबांकुरों के नाम : डाॅ0 टी सी राव

राष्ट्रीय शहीद स्मारक में नहीं दर्ज हुए अहीरवाल के कई रणबांकुरों के नाम : डाॅ0 टी सी राव

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

इस वर्ष 25 फरवरी को माननीय प्रधानमंत्री जी ने देश को राष्ट्रीय शहीद स्मारक समर्पित किया । गौरवान्वित सत्यनिष्ठा का प्रतीक यह स्मारक चक्रव्यूह की शक्ल में बना है जो राजधानी के बीचोबीच स्थित हैं । इसकी 16 दीवारों पर उन लगभग 26000 शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित हैं,  जिन्होंने स्वाधीनता के बाद लड़ी विभिन्न लड़ाइयों तथा राष्ट्रीय अखंडता के मिशन में शहादत हांसिल की । लेकिन देश रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान करने वाले कुछ  शहीदों का नाम राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर अंकित नहीं होने के कारण उनके परिवारों को काफी ठेस लगी हैं । यह कहना है क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी एवं पूर्व सैनिक डाॅ0 टी सी राव का जो कल ही राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर अपनी श्रद्धांजली देने पहुंचे लेकिन वहां पर अपने क्षेत्र के कुछ शहीदों के नाम छुटने पर उन्हें दुःख हुआ । स्मारक पर रेजांगला के शहीदों के नाम तो अंकित है लेकिन 1948, 1962, 1965, 1971, श्रीलंका आपरेशन, कारगील युद्ध, जम्मु काश्मीर आपरेशन और नक्सली आॅपरेशन में शहीद हुए कई अन्य शहीदों के नाम अंकित नहीं है । जब संबंधित विभाग से संपर्क किया गया तो इस पर उन्होंने खेद जताया और आश्वासन दिया की उपलब्ध जगह में सभी छुटे हुए शहीदों के नाम अंकित किये जायेंगे । इसके लिए जो भी जिम्मेवार हैं उनका उतरदायित्व है कि देश के हर शहीद का नाम स्मारक की दीवारों पर सुशोभित हो । डाॅ0 राव जो राष्ट्रीय शहीद परिवार कल्याण फाउंडेशन के संयोजक भी हैं ने यू पी ए के समय से ही राष्ट्रीय शहीद स्मारक बनवाने का प्रयास करते रहे हैं । डाॅ0 राव ने रक्षा मंत्रालय के संबंधित विभाग को पत्र लिखकर अवगत करवाया है साथ में अहीरवाल क्षेत्र के सभी शहीद रणबांकुरों के नामों की सूची भी भेजी है ताकि सभी का नाम स्मारक में दर्ज हो सके । सेना से बेहतर यह बात और कौन जान सकता है कि देश के वीर जवानों ने यह बलिदान अपने निजी  लाभ या महिमामंडन के लिए नहीं दिया बल्कि वे देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए । इसलिए जरुरी है कि किसी वीर जवान का नाम श्रद्धांजलि सूची से न छूट पाए क्योंकि वतन पे मरने वालों का यही बांकी निशां हैं ।