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इस चुनावी महापर्व में जनता 2019 की ताजपोशी किसके सर करते हुए जनपद के विनाश को विकास से जोड़ने का काम करेगी

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(राज बहादुर सिंह)
चित्रकूट। बाँदा जनपद से हटाकर चित्रकूट जनपद का सृजन सन 1997 में बसपा मुख्यमंत्री मायावती ने छत्रपति साहूजी महाराज नगर के नाम से जनपद का सृजन किया था फिर 1998 में भाजपा सरकार ने इसका नाम बदलकर चित्रकूट रखा था तबसे अब तक धर्मनगरी को चित्रकूट जनपद के नाम से जाना जाता है। इसमे खासबात ये रही कि जनपद सृजन 1997 से अब तक 22 वर्ष से अधिक वक़्त बीत गया बावजूद इसके मज़ेदार बात ये रही कि बाँदा-चित्रकूट लोकसभा संसदीय क्षेत्र की सियासत में बादशाहत कायम करने वाले अधिकांशतः सांसद धर्मनगरी चित्रकूट जनपद के मूलतः निवासी रहे हैं फिर भी जनपद तरक़्क़ी की बाट जोहते-जोहते बंजर होता जा रहा है। विकासहीन जनपद की सच्चाई को जगजाहिर करते हुए हाल ही में नीति आयोग ने पूरे देश मे 100 पिछड़े जनपद और उत्तर प्रदेश के 8 जनपदों में चित्रकूट को सूचीबद्ध करते हुए अति पिछड़े जनपद में शामिल किया है। देखना यह है कि इस चुनावी महापर्व में जनता 2019 की ताजपोशी किसके सर करते हुए जनपद के विनाश को विकास से जोड़ने का काम करेगी।
INDIA NOW24
रिपोर्ट राज बहादुर सिंह