Breaking News देश राज्य होम

बने तो अब कैसे बनाये…भुगतान लिये जा चुके रोड को !

बने तो अब कैसे बनाये…भुगतान लिये जा चुके रोड को !
अब न निगलते बन रहा और न ही उगलते बन रहा
एडीसी आफिस की जांच रिपोर्ट बनी जी का जंजाल
सडक़ बनाये बिना सरकारी खजाने से निकाले पैसे

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम । जीरो टोलरेंस, भ्रष्टाचार पर लगाम जैसे दावे और वादे, भ्रष्ट व्यवस्था पर भारी पड़ रहे हैं। जिला के पटौदी सब डिवीजन की हेलीमंडी पालिका क्षेत्र में विकास/निर्माण की आड़ में दस लाख रूपए के कथित गबन के मामले का खुलासा आरटीआई के माध्यम से किया जाने के बाद में लीपा-पोती के स्थानीय प्रयास भी बेदम साबित हो रह हैं। यह मामला हेलीमंडी पालिका के वार्ड नंबर दो का है। पूरा मामले का खुलासा किया जाने के बावजूद , इमानदारी की चादर ढक़ने का प्रयास भी किया गया, लेकिन बात नहीं बनी और हालत अब, आसमान से गिरे तथा खजूर में अटके वाले हो गई है। जानकारी के मुताबिक अब सरकारी पैसे के कथित गबन की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सीएम खट्टर से शिकायत कर मामला उनके संज्ञान में लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इधर जहां से रोड बनाना था- लेकिन नहीं बनाया गया, मामला सुर्खियां बनने के  बाद में एक ठेकेदार को बुलाकर काम शुरू कराया गया, हैरानी की बात तो यह रही कि, एडीसी आफिस की जांच और जांच रिपोर्ट पर बिना एक्शन के ही पालिका प्रशासन एक्टिव भी हो गया। सूत्रों के मुताबिक भुगतान किये जाने का भरोसा देकर एक ठेकेदार को मामले से अनभिज्ञ रखकर काम शुरू करवा दिया। आरटीआई कार्यकर्ता मुकेश और एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश महासचिव रवि चौहान ने इस मामले की जानकारी एडीसी आफिस में बिना देरी के दी। बताया गया है कि, पहली जांच रपट तलब करने के साथ ही एडीसी आफिस से नया फरमान दिया गया कि, पुन: जांच में पालिका प्रशासन को भी मौके पर बुलाकर फिर से जांच कराई जाए। सूत्रों के मुताबिक पहले ठेकेदार के बाद में एक अन्य को रोड बनाने के लिए बुलाया और ठेकेदार ने जेसीबी से रास्ता खोद भी डाला, लेकिन रोड बनाने में कथित गबन की भनक लगते ही वह ठेकेदार भी गायब हो गया।
अब हालत यह है कि रास्ते में एक फुट तक खुदाई के बाद में खड्डे बन गए, यहीं पर बरसात का पानी स्कूल के सामने औैर रास्ते में भरने से बच्चों सहित स्थानीय निवासी परेशान हो रहे हैं। न तो कोई व्हीकल आ और जा सकता है और न ही पैदल आवागमन संभव है। स्थानीय निवासी घरों आगे भरे पानी के कारण अपने पालतू मवेशी भी घरों से बाहर नहीं बांध पा रहे हैं।
जांच अधिकारी ने खाल दी पोल
जिला योजना अधिकारी/एडीसी आफिस से मौका मुआयना करने के लिए पहुंचे अधिकारी ने यहां हुए गबन/घनले की पूरी खोल ही खोल दी। अधिकारी के द्वारा रिपोर्ट में लिखा गया कि, मौके पर न तो कोई काम हुआ और न ही किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री ही पड़ी है। अधिकारी ने आसपास के निवासियों के भी बयान दर्ज कर उनके और शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर लेने के बाद में अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा कि,  एडीसी आफिस से 9 लाख 90 हजार रूपए भी निकलवाये जा चुके हैं, इसके बाद भी संबंधित निर्माण कार्य नहीं किया गया है।
 
यह है पूरा मामला
जिला योजना अधिकारी से 12 फरवरी को हेलीमंडी क्षेत्र में विकास/निर्माण कार्यो व भुगतान सहित लागत की जानकारी प्राप्त हुई कि, विभिन्न वार्डो के साथ ही वार्ड दो में माता मंदिर से लक्ष्मी के घर तक गली/सडक़ को निर्माण पूरा होने के साथ ही 9 लाख 90 हजार रूपए का भुगतान भी हो चुका है। जब कि मौके पर एक इंच भी काम नहीं हुआ। प्रशासन के संज्ञान में मामला लाया जाने के साथ ही सीएम तक पहुंचाकर मौके पर जांच की मांग की गई। इधर पालिका प्रशासन पूरे मामले में बैक फुट पर जाकर अपनी रिपोर्ट में लिखाई की गलती बताता रहा। और अब कथित तमाम लिपा-पोती के प्रयास भी शुरू कर दिये गए हैं।