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भ्रष्टाचार के मामले में नगर निगम के पटवारी को पांच साल की कैद

भ्रष्टाचार के मामले में नगर निगम के पटवारी को पांच साल की कैद

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24/

गुरुग्राम। भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत नगर निगम के एक पटवारी के रिश्वत लेने के मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार मेहता की अदालत ने पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए 5 साल की कैद व 20 हजार रुपए जुमार्ने की सजा सुनाई है। जुमार्ने का भुगतान न करने पर दोषी को 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार जिले के गांव डूंडाहेड़ा के सतपाल ने सात अप्रैल 2017 को राज्य चौकसी ब्यूरो में शिकायत दी थी कि उसके पिता ने दादालाई प्लाट की रजिस्ट्री उसके तीनों भाई सतपाल, सतीश व राजेंद्र के नाम कराने के लिए नगर निगम के पटवारी अजय कुमार को एक दरख्वास्त दी थी। पटवारी ने बताया था कि उनका प्लाट ग्रीन बैल्ट में हैं। वह लाल डोरे में नहीं है। यदि वह 10 हजार रुपए रिश्वत के दे देंगे तो प्लाट को लाल डोरे में दिखा देगा। शिकायतकर्ता ने पटवारी के खिलाफ कार्यवाही की गुहार लगाई थी। राज्य चौकसी ब्यूरो ने छापामार टीम का गठन कर शिकायतकर्ता को 2-2 हजार के 5 नोट केमिकल लगाकर दे दिए, ताकि वह पटवारी को दे सके। नगर निगम कार्यालय में पटवारी अजय कुमार को 10 हजार रुपए की रिश्वत देते हुए छापामार टीम ने रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया था और रिश्वत के रुप में दी गई रकम को भी बरामद कर लिया था। राज्य चौकसी ब्यूरो थाना ने डीसी रेट पर कार्यरत पटवारी अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश कर दिया था। मामला अदालत में चला। चौकसी ब्यूरो ने अदालत में 13 गवाह पेश किए, जिनसे आरोपी पर लगे आरोप सिद्ध होना पाते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 साल की कैद व 20 हजार रुपए जुमार्ने की सजा सुनाई है। जुमार्ने का भुगतान न करने पर दोषी को 4 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।