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एनजीटी व सुप्रीमकोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे मौरंग खदान पट्टाधारक

फतेहपुर : एनजीटी व सुप्रीमकोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे मौरंग खदान पट्टाधारक

फतेहपुर – जिलेे के असोथर क्षेत्र के रामनगर कौहन में पिछले एक माह सेसंचालित मौरंग खदान आर.के – 1 में सुप्रीमकोर्ट के आदेशों व नियम कायदों पट्टाधारक व खदान संचालक द्वारा जमकर धज्जियां उडायी जा रही है। खदान में जमकर प्रतिबन्धित पोकलैण्ड मशीनों का उपयोग एक दर्जन से अधिक संख्या में किया जा रहा है।
ऐसा नही है कि इस बात से जिला प्रशासन अनभिज्ञ है लेकिन समाचार पत्रों में प्रकाशन के बावजूद भी इस बात से जिला प्रशासन अनभिज्ञता दर्शा रहा है।

जिले में किसी भी मौरम खदान में किसी भी समय प्रतिबन्धित पोकलैण्ड मशीनों द्वारा नदी की जलधारा के बीच से मौरम का खनन देखा जा सकता है लेकिन इस बात से प्रशासन को कोई भी वास्ता व सरोकार नही है।

एनजीटी के आदेशों को भी मौरम खदान पट्टाधारक ठेंगा दिखाकर नदी की जलधारा को प्रभावित कर जमकर पानी से मौरंग निकाल रहे हैं।
वहीं कोर्ट के आदेशानुसार हर मौरम खदान में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आदेश किया गया था ताकि खदान से ओवरलोडिंग न की जा सके तथा सूरज ढलने के बाद मौरम का खनन नही किया जाना था लेकिन इन सारे मुददों को अनदेखा कर जमकर मौरम का खनन जारी है।
सीसीटीवी कैमरे जहाँ मात्र केवल औपचारिकता पूरी कर रहे हैं असलियत में कैमरे खदान में खनन प्रकिया को छोड़ आसमान की ओर निहार रहें हैं ।
इस मौरम खनन में जनपद की पुलिस की भी खासी भागीदारी है।
आरटीओ फतेहपुर जिनका कहना है कि जनपद में ओवरलोडिंग नही हो रही है।
पर इस के उलट कभी भी असोथर क्षेत्र के प्रमुख चौराहे पर खडे होकर देखा जा सकता है कि कितनी भारी मात्रा में सैकड़ों ओवरलोड ट्रक फर्राटा भरते बेखौफ निकल रहे हैं ।

रामनगर कौहन मौरंग खदान से ओवलोड़ व बिना रायल्टी के निकलते सैकडों वाहनों से सरकारी राजस्व का भारी नुकसान

बताते चले कि रामनगर कौहन मौरंग खदान से संचालक बेखौफ ओवलोड़ मौरंग दे रहे हैं , जिससे शासन को प्रतिदिन कई लाख रुपये का राजस्व का नुकसान हो रहा हैं ।
खदान में 700 रुपयें प्रति बैकेट की दर से मौरंग दी जा रही हैं ।
10 पहियें वाले ट्रक के लिए सरकारी मानक अनुसार 13000 रुपयें रायल्टी निर्धारित हैं पर इसके उलट खदान संचालको द्वारा बिना कागज व रायल्टी के 14000 रुपयें में व 12 चक्का ट्रक के लिए 16000 रुपयें व 14 चक्का ट्रक के लिए 19000 रुपयें में खदान संचालकों द्वारा मौरंग दी जा रही हैं , जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपए राजस्व की क्षति पहुंच रही हैं ।

वही मौरंग खदान में असलहा धारियों के बगैर अनुमति के 2 दर्जन से अधिक असलहा धारी रामनगर कौहन मौरंग खदान में उपस्थित रहतें हैं ।
इन अधिक संख्या में असलहाधारियों की मौजूदगी लोगों में भय का माहौल बना रही हैं ।