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जीराबोझी हत्याकांड की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई द्वारा की जाय-जितिन प्रसाद

जीराबोझी हत्याकांड की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई द्वारा की जाय-जितिन प्रसाद

अनुपम मिश्रा रिपोर्टर India now24

धौरहरा-खीरी।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने जीराबोझी काण्ड में पुलिस द्वारा किए गए खुलासे को अस्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनसे मांग की, कि जनपद खीरी में पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से मनमानी कर रहा है। पसगवां थाना क्षेत्र के गांव जीराबोझी में जिन दो नाबालिग बच्चियों के शव बिजली के टावर से लटकते हुए मिले थे, उसमें पुलिस ने पूरी तरह से निर्दोष लोगों को फर्जी तरीके से फंसाकर जेल भेज दिया है। मृतक लड़कियों के परिवार के ही सदस्यों को पुलिस ने वर्क आउट दिखाते हुए जेल भेजा है। यह तथ्य जनपद के आमजनों के साथ-साथ मृतक लड़कियों के परिवारीजन भी स्वीकार नहीं कर पा रहे है। पुलिस ने जिस तरह से अबोध बच्चियों पर चारित्रिक दोष लगाया है, पुलिस का यह कृत्य उक्त घटना से भी घृणित कृत्य है। पुलिस ने केस का खुलासा करने के लिए मनगढ़ंत तरीके से फर्जी तथ्यों का तानाबाना बुना है जो स्वीकार कर पाना सम्भव नहीं है।
जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में सात बिंदुओं पर उक्त घटना से सम्बन्धित सभी तथ्यों को विस्तार से रखते हुए जिले की प्रशासनिक व्यवस्था की लाचार स्थिति से भी अवगत कराया है तथा उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी लिखा है कि इस घटना में जो सही अभियुक्त है, उनको पुलिस दबाव के कारण सामने नहीं ला पा रही है। इसीलिए घटना को घुमाकर फर्जी तरीके से मृतक बच्चियों के भाईयों को ही अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस के इस कृत्य से जिले के लोग पूरी तरह से प्रशासनिक अमला के खिलाफ हैं और मृतक बच्चियों के परिवार की मालिन्दी देवी ने प्रमुख सचिव गृह को एक शिकायती पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने मांग की कि हमारे परिवार के निर्दोष लोगों को हमारी ही बच्चियों की हत्या में पुलिस फंसा रही है। जितिन प्रसाद ने मुख्यमंत्री से इस प्रकरण को तत्काल किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई से जांच कराकर दोषी लोगों को जेल भेजने तथा परिवार के निर्दोष लोगों को मुक्त करने की मांग की।