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कालू के भीम और किसान, ऊंचा माजरा की शान

कालू के भीम और किसान, ऊं चा माजरा की शान
राष्ट्रीय पशु प्रदर्शनी में दोनों ही बने आकर्षण का केंद्र
पटौदी के गांव माजरा निवासी कालू के हैं से लाडले
हाल ही में कृषिमंत्री धनखड़ के इलाके में लगा मेला

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम। शौक तो शौक है, लेकिन इस शौक से भी बढक़र है तो वह है-प्यार, दुुलार औैर गर्व। आज के भौतिकवादी दौर में लोग महंगी-लग्जरी गाडिय़ां खरीदकर और  अपने परिचितों को रोड़ पर दिखाकर फूले नहीं समाते। एेसे शौक से इतर देहात में आज भी एेसे पशु पालक हैं जो कि अपने मवेशियों को बच्चों की तरह से पाल रहे हैं और जब भी मौका मिलता है,  पशु प्रदर्शनी में भी लेकर पहुंचते हैं। जहां पशु अथवा मवेशी की नस्ल के पारखी मुंह मांगी किमत देने के लिए तैयार मिलते हैं।
हाल ही में झज्जर में पशु मेला अथवा प्रदर्शनी में , अपने गुरुग्राम के पटौदी हलके के गांव माजरा निवासी कालू पुत्र गंगाराम के दो पशु/मवेशी आकर्षण का केद्र बने रहे। कालू ने बताया कि, चितकबरा बिजार जिसका नाम भीम सिंह रखा है, वह प्रथम स्थाान पर रहा। इसके साथ ही किसान नाम का लाडला झोटा तीसरे स्थान पर रहा है। दोनों की आयु ढ़ाई और तीन वर्ष है। यह पशु प्रदर्शनी राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई, जिसके आयोजक और मुख्य अतिथि सूबबे के कृषिमंत्री ओपी धनखड़ ही थे।
पटौदी के गांव ऊंचा माजरा निवासी कालू पुत्र गंगाराम के मुताबिक, इन दोनों मवेेशियों को वह पशु चिकित्सक क्रमश: डा नरेंद्र्र, डा महेंद्र और डा सुरेश की देखरेख में पालपोश करते हुुए खाने में खुराक अथवा चारा खिला रहे हैं। किसान और भीम सिंह को रोजाना नियमित रूप से 2-2 किलो सेब और दस-दस लीटर दूूध खाने-पीने में दिया जा रहा है। कालू ने दावा किया कि, उनके लाडले , किसान और भीम सिंह के मुकाबले के एेसे मवेशी गुुरुग्राम जिला में किसी और के पास किसी अन्य गांव में नहीं है। मौसम के हिसाब से ही इनके रहने और खाने की भी व्सवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
पशुु प्रदर्शनी में ही दोनों के कद्रदान और खरीददारों भी इनकी नस्ल को परखने सहित खूूबी को देखकर बिजार भीम के 25 लाख और किसान झोटा  के 50 लाख रूपए के भुगतान पर खरीदने की इच्छा जाहिर की। बिजार भीम सिंह एसएफ-करोचा तथा किसान झोटा मुर्रा नस्ल दो दांत का है। बिजार भीम सिंह और किसान झोटा की श्रेष्ठता को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में नकद पुरस्कार भी प्रदान किये गये, लेकिन इनके मालिक कालू ने विनम्रता पूर्वक पुरस्कार राशी का खुलासा करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों को फिलहाल किसी और को बेचने का कोई भी कैसा भी इरादा नहीं है।