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आमजन की भागीदारी पर भारी पड़ी पटौदी की सरदारी

आमजन की भागीदारी पर भारी पड़ी पटौदी की सरदारी
पूरे शहर में क्या पालिका पार्षदों की ही रही है भागीदारी
किसी भी आम नागरिक को नहीं दिया गया प्रशस्ति पत्र

 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम।  जिला की पटौदी नगर पालिका प्रशासन के एेसे कृत्य से आम नागरिक हतोत्साहित होगा या फिर प्रोत्साहित होगा? यही लाख टके का सवाल अब चर्चा भी बन गया है। नगर पालिका पटौदी के सचिव और प्रधान के द्वारा इन दोनों के हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र, स्वच्छ भारत मिशन शहरी, स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 के सभी पार्षदों को सचिव सुशील भुक्कल और चेयरमैन चंद्रभान सहगल के द्वारा प्रदान किये गए। लेकिन लाख टके का सवाल वहीं की वहीं है कि, क्या पूरे शहर में किसी एक भी नागरिक के द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण/अभियान में अपना सहयोग नहीं दिया गया? यदि पालिका सचिव और चेयरमैन की नजर में ऐसा ही है तो , पालिका अधिकारियों/चेयरमैन/पार्षदों के द्वारा चलाये गए अभियान पर भी गंभीर सवाल अपने आप ही खड़ा हो जाता है कि, विभिन्न स्कूलों में क्यो और किस लिए दौरे किये गए।

पालिका सचिव के द्वारा आम लोगों के द्वारा, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, गृहणियां भी शामिल रही, उनके फोटो अनेक बार मीडिया को दिये गए कि, किस प्रकार से कूड़ा-कचरा-करकट को यहां-वहां न फैँक कर पालिका के वाहन में लोग अपने घरों से डालकर अभियान में बराबर से अधिक की हिस्सेदारी निभा रहे हैं। इतना ही नहीं पालिका के ही सफाई कर्मियों के साथ मिलकर भी आम लोगों ने खुले में फैंका हुआ कूड़ा-करकट अपने हाथों से उठाकर पालिका के कूड़ा ले जाने वाले वाहन सहित कूड़ेदान में भी डालकर साफ-सफाई में योगदान किया। यह बात अलग है कि, शहर के कूड़े-करकट-गंदगी को शहर में ही स्लाटर हाउस में डंप किया जा रहा है।
बीते दिन पालिका कार्यालय में पटौदी पालिका के चेयरमैन चंद्रभान सहगल, पालिका सचिव सुशील भुक्कल के द्वारा सभी 15 पालिका पार्षदों को स्वच्छ भारत मिशन शहरी, स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 के प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गए। शहर के ही बाशिंदे और बीजेपी जिला कार्यकारिणी के सदस्य तेजभान तलहाटी के शब्दों में, ऐसे मान-सम्मान के सही मायने में हकदार तो पहले शहर के आम नागरिक ही हैं, जिन्होंने अपना भरपूर सहयोग और समर्र्थन दिया है। इससे अधिक अफसोस यह है कि, करीब 35 हजार की आबादी में क्या एक भी एेसा व्यक्ति नहीं, जिसने साफ-सफाई में सहयोग न किया हो? पालिका प्रशासन ने पैसा खर्च करके प्रसार-प्रचार के लिए होर्डिंग/पोस्टर/फलैक्स बनवाने के साथ ही क्या कुछ नहीं किया। तेजभान चौहान ने तो यहां तक कहा कि, एेसे अभियान में लोगों तक बात पहुंचाने सहित जागरुक करने में मीडिया का अहम रोल रहता है और रही भी है। उन्होंने यहां तक आशंका जाहिर कर डाली है कि अब 10 दिन बाद गणतंत्र दिवस के मौके पर भी स्वच्छ भारत मिशन शहरी, स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 के पुरस्कार के लिए अपने ही चहेतों को आगे किया ताना तय है।