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जनाब… स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए यहां भी आना

जनाब… स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए यहां भी आना
एमएलए साहिबा आप भी कभी तो यहां पर आओ
केवल वोट बैंक तक सीमित है गरीबों की कालोनी

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम। जिला सहित आसपास के पालिका इलाकों में इन दिनों स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में श्रेष्ठता सहित अधिकाधिक अंक अर्जित करने की होड़ में संबंधित पालिका प्रशासन के द्वारा शहर में बिजली के पोल से लेकर अपने पालिका कार्यालय सहित आसपास में मन भावन स्लोगन की पुताई में बेहिसाब रकम उड़ाई जा चुकी है। पटौदी सब डिवीजन की हेलीमंडी पालिका के वार्ड एक में एमएलए स्कूल के पास प्रधान विनोद बस्ती और यहां के बाशिंदे बेबसी में नारकीय जीवन भोग रहे हैं। मूलत: यह बस्ती कुचबंदा कालोनी कहलाती है और यहां रहने वाले करीब तीन सौ लोगों की स्थानीय नेताओं सहित समर्थकों को पांच वर्ष में पालिका, विधानसभा औा लोकसभा के वोट लेने के दौरान ही याद आती है। इसके बाद तो , नेता हारे या जीते उनका काम निकल चुका होता है। फंसना और मरना तो यहां रहने वाले गरीबों के हिस्से में रह ताजा है।

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए दौरे पर आई केंद्र की  टीमें और अधिकारियों को संभवत: ऐसी किसी भी बस्ती के बारे में स्थानीय अधिकारी जानकारी ही नहीं देते होंगे? क्यों कि जब कोई साफ-सफाई, सविधा ही नहीं है तो एक ही झटके में स्वच्छता अभियान और प्रसार-प्रचार की पोल खुलने से कौन रोक सकेगा। काश जैसी रंगाई पुताई पालिका प्रशासन/अधिकारियों/जनप्रतिनिधियों के द्वारा शहर भर में कराई गई, एेसी ही पहल  गरीब लोगों की मलिन बस्ती में भी हो जाए तो अपने आप ही अभियान को भी चार चांद लगना स्वभाविक बात है। यहां के निवासियों की मानें तो उन्हें इंतजार है कि कम से कम एक बार हमारी अपनी एमएलए साहिबा बिमला चौधरी यहां जरूर चहुंचे, जिससे कि बस्ती के मंदिर परिसर में चुनाव पहले उनका स्वागत करने का हम गरीबों को भी सौभाग्य मिल जाएगा साथ ही एमएलए के शासनकाल में गरीबो/पिछड़ों के लिए कितना पैसा देकर विकास/सुविधाएं मिली यह भी स्वयं अपनी आंखों से ही देख लेंगी।
स्थानीय निवासी सुभाष, दलबीर, हंसिया, अतर सिंह, हीना, कर्मबीर, प्रहलाद, धीरज, टोनी, सुखबीर सहित अन्य का कहना है कि, बस्ती तक बनाया जाने वाला टाइल का रास्ता बीच में ही बनाना बंद करने से बरसात में परेशानी होती है। नए डाले गए सीवर भी चालू न करके पुराने बंद किये जाने से गंदा पानी घरों – गलियों में भरा रहने से बीमारियां फैल रही हैं, बच्चे सर्दी में बाहर न खेल सकते हैं और न ही बुजुर्ग बैठ सकते हैं। कहने को तो पालिका की कूड़ा-करकट उठाकर ले जाने वाली गाडिय़ां हैं, लेकिन यहां गरीब/पिछड़ों की बस्ती में आती ही नहीं हैं। अनेक बार अपनी बस्ती में साफ-सफाई सहित सुविधाओं की लिखित में फरीयाद की जा चुकी है, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।