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सुरक्षित वाहन, सुरक्षित जीवन‘ के विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पैसिव सेफ्टी सेमिनार  का आयोजन

सुरक्षित वाहन, सुरक्षित जीवन‘ के विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पैसिव सेफ्टी सेमिनार  का आयोजन

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरूग्राम ।  भारत सरकार के भारी उद्योग एवं लोक उपक्रम मंत्रालय के अधीन कार्यरत आईकैट मानेसर में ‘सुरक्षित वाहन, सुरक्षित जीवन‘ के विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पैसिव सेफ्टी सेमिनार (आईपास 2018) का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य वाहन निर्माताओं, उपभोक्ताओं एवं वाहन नियामक संस्थाओं के बीच जागरुकता लाना था।
इस दो दिवसीय सेमीनार में मुख्य अतिथि श्रीमती नीति सरकार (सीईओ और पीडी, नैट्रिप) थी। अन्य अतिथियों में श्री सी.वी. रमन (कार्यकारी निदेशक-आर एंड डी, मारुति सुजुकी), श्री वेलुसामी आर (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महिंद्रा एंड महिंद्रा), श्री अकीरा नाकामुरा (सीईओ, आइसिन समूह), श्री मित्सुहिरो नवाशिरो (एमडी, टोयोडा गोसी), श्री दिनेश त्यागी  (निदेशक- आईकैट) और श्री एस. के. कालिया (सीबीओ- आईकैटकेंद्र -2) शामिल थे।
इस सेमिनार में देश भर के लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें मारुति सुजुकी, मर्सिडीज बेंज, बीएमडब्लू, वोल्क्सवैगन, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, जेबीएम, हुंडई मोटर्स आदि विभिन्न वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि प्रमुख थे। इनके अलावा, कॉम्पोनेन्ट निर्माता कंपनियों जैसे टोयोटा गोसी, जॉयसन सेफ्टी, आइसिन, ऑटोलिव, भारत सीट्स, कृष्णा मारुति, डेन्सो आदि से भी काफी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
वक्ताआंे का कहना था कि आईपास 2018 कार उपभोक्ताओं एवं पैदल यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए वाहन में आवश्यक सुरक्षा तकनीकों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता लाने में सहायक होगा। सेमिनार में भारत के वाहन दुर्घटना के आंकड़ों के साथ उनमें घायल और मृत्यु को प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या के बारे में चर्चा की गई और इन दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर विचार – विमर्श हुआ। वाहन दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या को कम करने के लिए वाहन और उसमें सुधार के  समाधान भी सुझाए गए। वर्तमान वाहनों और भविष्य के वाहनों (इलैक्ट्रिक वाहन) की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारत में सुरक्षा नियमों की जरूरत भी सेमीनार में एक प्रमुख मुद्दा रहा।
विभिन्न संगठनों के वक्ताओं ने ‘ सड़क दुर्घटना आंकड़े एवं उनका विश्लेषण‘, ‘भविष्य में वाहनों में सुरक्षा सुविधाओं की आवश्यकता और संभावित चुनौतियाँ‘, सुरक्षित वाहनों को डिजाइन करना‘, वाहन उपभक्ताओं (वयस्क और बच्चे) और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसके अलावा, ‘आभासी परीक्षण तकनीकें और वास्तविक दुर्घटना परीक्षण परिणामों के साथ उनकी तुलना‘, क्रैश परीक्षण के लिए आवश्यक बुनियादी साधन‘, ‘भारत में सुरक्षा विनियमन रोडमैप‘ आदि विषयों पर विशेषज्ञों ने मंथन किया।
सेमीनार की समाप्ति पर मुख्य अतिथि श्रीमती नीति सरकार (सीईओ और पीडी, नैट्रिप) ने बताया कि आई कैट मानेसर द्वारा विश्वस्तरीय क्रैश प्रयोगशाला विकसित की गई है। सेमीनार के प्रतिभागियों को यह प्रयोगशाला देखने का मौका भी दिया गया। सेमिनार के दौरान ‘ इलेक्ट्रिक वाहन‘ तथा ‘भारतीय संदर्भ में एनकैप‘  विषयों पर भी पैनल चर्चाएं आयोजित की गई।
सेमिनार के दौरान 18 तकनीकी प्रस्तुतियां दी गई और सुरक्षा तकनीकों, वाहन डिजाइन और विनियमों पर अंतरदृष्टि दी गई।