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आज़ादी के बाद आज तक ब्रिज नही बन पाया

इडिया नाउ 24
निघासन खीरी
जसवन्त कुमार वर्मा

लखीमपुर खीरी-जिले के निघासन जाने के लिए पचपेड़ी घाट पर बना कछुआ वाला पुल, जिस पर आज़ादी के बाद आज तक ब्रिज नही बन पाया, क्यू, जनप्रतिनिधि की उदासीनता के कारण, कई बार इस पर ब्रिज की नाप जोख हुई, सर्वे हुआ, यहाँ तक कि आधारशिला भी रखी गई, लेकिन आजतक यह ब्रिज न बन सका, इसके बनने से लखीमपुर से निघासन तहसील की दूरी 60 किलोमीटर से घट कर मात्र 35 किलोमीटर रह जायेगी। आम जनता का ध्यान अयोध्या की तरफ भले ही हो,पर क्षेत्र मे चुनावी मुद्दा बना कर जनप्रतिनिधि वोटर लेकर सत्ता के नशे मे जनता से किये वादें फिर इस ओर कोई नही देखता है यही जिले की तरक्की है, जिले में अस्पताल, सड़के, की हालत तो बद से बत्तर है, जिले में न रोजगार है न नौकरी, 44 लाख की आबादी वाले जिले में न आने जाने के साधन, रात 8 बजे के बाद बस नही ,यह कैसा जिला है, जहा आज भी कुँए से दूषित पानी पिया जाता, जितने भी हैंड पंप है सब मे आरसैनिक यानि जहर वाला पानी पिया जा रहा है। फिर भी मेरा भारत महान, डिजिटल इंडिया की बात जनप्रतिनिधि अपने भाषण में करते देखे जा सकते है। लेकिन खीरी जिले के निवासियों की कोई नेता नही सुनता है। सवाल जस का तस है तो सवाल है कि जिले मे क्या बदलाव हुआ है जिले में क्या बदलाव आया है। यह कहने मे अतिसंयोक्ति न होगी-चुनावी मौसम मे खीरी हुआ गुलजार, जैसन चुनाव संम्पन्न भय खीरी की जनता बेकार, फिर करत है, पांच साल इंतजार, येसा है खीरी जिला हमरा विकास का करावत है इंतजार बारम्बार न आवत है नेता न आवत है विकास, चुनाव आवत तो ही आवत है नेता करत है वादा दस-बीस फिर उसके होजाते फुरसत ऐसा है मेरा नेता और मेरा जिला है।