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मार्क्सवादी पार्टी ने मनाया संविधान और धर्मनिरपेक्षता बचाओ दिवस

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मार्क्सवादी पार्टी ने मनाया संविधान और धर्मनिरपेक्षता बचाओ दिवस

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम  India Now24

6 दिसंबर को बाबा साहब डाक्टर भीम राव अंबेडकर की पुण्य तिथि व बाबरी मस्जिद के विध्वंस दिवस के मौके पर गुड़गाँव की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी व भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने दलित अधिकार मंच हरियाणा, ए आई टी यू सी व सी आई टी यू के साथ मिल कर “संविधान और धर्मनिरपेक्षता बचाओ दिवस”  कमला नेहरू पार्क में मनाया। इस संयुक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता दलित अधिकार मंच की ज़िला संयोजक उषा सरोहा, जनवादी महिला समिति की ज़िला अध्यक्ष भारती देवी, सी आई टी यू के ब्लाक सचिव ललित कुमार, ए आई टी यू सी के शिव कुमार ने की। कार्यक्रम का संचालन सीपीआई (एम) के ज़ोनल सचिव एस एल प्रजापति ने किया।

ज्ञात रहे की इस साल 6 दिसम्बर को संविधान निर्माता डाक्टर भीम राव अंबेडकर की 62वीं पुण्य तिथि व बाबरी मस्जिद गिराए जाने की 26 वीं वर्षगांठ है। मौजूदा हालात में यह जरूरी हो जाता है कि इस दिन को जनतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए मनाया जाए।

वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन पर रोशनी डालते हुये कहा की सदियों से गुलामी झेल रहे बहुसंख्यक अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग को संविधान के माध्यम से राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक न्याय का अधिकार दे कर उनको देश में मुख्य धारा से जोड़ने का एहसान किया है। संविधान के माध्यम से विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतन्त्रता प्रदान कर उन्हें बराबरी का दर्जा दिया ताकि व्यक्ति की गरिमा के साथ साथ राष्ट्र की एकता और अखंडता को अक्ष्छुण बनाए रखते हुये आपसी भाई चारे को बढ़ावा मिले। मगर आर.एस.एस. द्वारा संचालित संगठनों ने केन्द्र सरकार पर सर्वोच्च न्यायालय को दरकिनार करके अध्यादेश/कानून बनाकर विवादित स्थान पर राम मंदिर निर्माण करने के लिए अभियान चलाया हुआ है। यह अभियान संघ परिवार के साम्प्रदायिक एजेंडा की पूर्ति और भारत के संविधान में दर्ज धर्मनिरपेक्षता के प्रावधानों को समाप्त करने के लिए चलाया जा रहा है ताकि देश का आपसी भाई चारा व सामाजिक ताना बना छिन्न भिन्न हो और भाजपा सत्ता पर हमेशा के काबिज रहे।

वक्ताओं ने कहा की आम आदमी शांति व सौहार्द चाहता है, मगर आरएसएस व उसके आनुषंगि संगठन जनता में धर्म व जातीय द्वेष पैदा कर देश व समाज को तोड़ रहे हैं। उन्होने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय  को अयोध्या विवाद में कानूनी फैसला देने से रोकने के हिन्दुत्व के इस विघटनकारी प्रयास का हम सब सख्त विरोध करते हैं। ‘आस्था’ के नाम पर संघ परिवार को संवैधानिक प्रावधानों को समाप्त करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। धर्म कि आड़ में किसी भी सरकार, संस्था या व्यक्ति को संविधान के साथ खिलवाड़ करना कतई सहन नहीं किया जाएगा।

हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति के ज़िला संयोजक ईश्वर नास्तिक, आंगनवाड़ी वर्कर्ज एंड हेल्पेर्ज यूनियन कि ज़िला सचिव सरस्वती, रानी, वन विभाग मजदूर संघ के ज़िला उप प्रधान मोहर पाल, आज़ाद सिंह, भीम सिंह,   एआईटीयूसी के शिव कुमार,राजू चौधरी, अमरनाथ, राजकुमार, कुलदीप, जनवादी महिला समिति कि ओमवती, रेशमी, शोभा, रूपा, गीता, मंजु, सीआईटीयू के कामरेड राजेन्द्र सरोहा, अशोक, रोहतास सुरेश, संदीप, महेश, पंकज आदि ने अपने विचार रखे।