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जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा में कमी के लिए दो विद्यालयों को थमाया नोटिस

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जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा में कमी के लिए दो विद्यालयों को थमाया नोटिस
-उपायुक्त की अध्यक्षता में स्कूल सेफटी कमेटी की बैठक संपन्न, कहा- बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि। 

 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम  India Now24

गुरूग्राम । गुरूग्राम के उपायुक्त एवं जिलाधीश विनय प्रताप सिंह ने आज डीपीएसजी स्कूल पालम विहार तथा ज्ञानदीप स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों में अनियमितता पाए जाने पर इन दोनो स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के आदेश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए हैं। जिलाधीश ने इन्हें एक महीने के भीतर निर्धारित मानदंडानुसार बच्चों की सुरक्षा के प्रबंध सुनिश्चित  करने के आदेश भी दिए गए हैं और ऐसा नही करने पर नियमानुसार जिला प्रशासन द्वारा स्कूल को टेक ओवर किया जा सकता है।
वे आज अपने कार्यालय में स्कूल सेफटी कमेटी के सदस्यों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चो की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है जिसमें किसी प्रकार की अनदेखी नही होनी चाहिए। बैठक में स्कूल सेफटी कमेटी द्वारा निरीक्षण किए गए स्कूलों की रिपोर्ट रखी गई। इसमें कमेटी के सदस्यों द्वारा बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सबसे अधिक अनियमितताएं डीपीएसजी स्कूल पालम विहार तथा ज्ञानदीप स्कूल में पाई गई हैं। इन दोनो स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के मानदंड नियमानुसार नही हैं। अतः कमेटी द्वारा इन स्कूलों पर कार्रवाई की सिफारिश भी की गई।
जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों में सेफ्टी उपायों की चैकिंग के लिए ड्रा ऑफ लाट्स के माध्यम से 15 स्कूलों का चयन किया गया था। इन चयनित स्कूलों में सुरक्षा प्रबंधों की चैकिंग के लिए तीन टीमें बनाई गई थी जिन्होंने चैक लिस्ट बनाकर स्कूलों में चैकिंग की और उसकी रिपोर्ट आज की बैठक में प्रस्तुत की। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नही किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिला के सभी विद्यालय जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई कमेटी द्वारा किए जा रहे सेफ्टी ऑडिट को गंभीरता से लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कमेटी द्वारा मुख्य रूप से स्कूलों में चैकिंग के दौरान फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग क्षमता, बच्चों के लिए शौचालय की उचित व्यवस्था, टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टॉफ का पुलिस वैरिफिकेशन, स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाना , नोटिस बोर्ड पर हैल्पलाइन नंबरों के चस्पा होने, हाइजीन सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसैंस, बाऊंड्री वॉल , स्कूल बसों में महिला अटैंडेंट का होना, विद्यालय भवन में रैंप आदि की व्यवस्था सहित सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं को देखा जाता है। उसके बाद इसकी रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित स्कूल सेफटी कमेटी के समक्ष रखी जाती हैै। उपायुक्त ने कहा कि स्कूल अपने यहां कार्यरत टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टॉफ का पुलिस वैरिफिकेशन जरूर करवाएं।
बैठक में उपस्थित अतिरिक्त उपायुक्त आर के सिंह ने कहा कि स्कूलों के लिए सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यदि चैकिंग के दौरान किसी भी स्कूल बस के ड्राइवर का लाइसैंस वैध नही पाया जाता या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उसका मौके पर ही चालान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूल बसों में स्पीड गर्वनर लगे होना अनिवार्य है जिसकी स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नही होनी चाहिए।
आज आयोजित बैठक में ड्रा ऑफ लॉट्स द्वारा स्कूल सेफ्टी ऑडिट के लिए 15 अन्य स्कूलों का भी चयन किया गया जिनका निरीक्षण कमेटी द्वारा 12 दिसंबर से शुरू किया जाएगा। आज निकाले गए ड्रा के अनुसार कमेटी द्वारा बाल भारती हाई स्कूल सहजावास, हैप्पी माॅडल हाई स्कूल राजीव नगर, मैत्रीकिरन हाई स्कूल सैक्टर-83, नव ज्योति हाई स्कूल जाटौली, आॅवर लेडी आॅफ फातिमा कान्वेंट स्कूल सैक्टर-14, एसडी माडर्न हाई स्कूल गीता भवन, सनसिटी वल्र्ड स्कूल सैक्टर-54, वैदिक कन्या हाई स्कूल गुरूग्राम, बाबा बलदेव दास  विद्या निकेतन, बिरहेड़ा मोड़, दिल्ली पब्लिक स्कूल सुशांत लोक सैक्टर-29, जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल सैक्टर-4, मीनाषी पब्लिक स्कूल सैक्टर-10, रिजवैली स्कूल डीएलएफ फेज-4, शेरवुड कान्वेंट स्कूल डीएलएफ फेज-2 तथा द मोर्या स्कूल पालम विहार शामिल है।
बैठक में उपायुक्त विनय प्रताप सिंह के अलावा, अतिरिक्त उपायुक्त आर के सिंह, एसीपी हैडक्वार्टर धारणा यादव, एसीपी ट्रैफिक हवा सिंह, नगर निगम के सिविल सर्जन डा. ब्रहमदीप संधु, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश शास्त्री, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।