सीपीआई के संघर्षशील योद्धा कामरेड लाल बहादुर सिंह का निधन, पार्टी में शोक की लहर

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाजीपुर।
आज दिनांक।09/12/025को
सीपीआई के संघर्षशील योद्धा कामरेड लाल बहादुर सिंह का निधन, पार्टी में शोक की लहर
जखनिया, गाजीपुर। सीपीआई के जुझारू एवं संघर्षशील नेता कामरेड लाल बहादुर सिंह का लंबी बीमारी के चलते 08 दिसंबर 2025 को दोपहर 12:00 बजे निधन हो गया। 75 वर्षीय कामरेड लाल बहादुर सिंह जीवन के अंतिम क्षणों तक जुल्म, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध संघर्षरत रहे। उनके निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति पहुँची है। क्षेत्र और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई।निधन की सूचना मिलते ही भाजपा जिला सह–सचिव राम अवध, फूलमान, राजेंद्र गोंड तथा सीपीएम पार्टी ब्रांच के सचिव श्यामू राम, पार्टी सदस्य निलेश गिरी, अतहर इक़बाल, एकलाख, मोबीन, जिला सचिव मंडल सदस्य कामरेड विजय बहादुर सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उनके आवास पहुंचे। सभी ने लाल झंडा फहराकर, माला–फूल अर्पित कर तथा “लाल सलाम” के नारों के बीच अपने प्रिय साथी को अंतिम विदाई दी। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे कामरेड लाल बहादुर सिंह के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।कामरेड लाल बहादुर सिंह अपने पीछे पत्नी लाल झरी, दो पुत्र संजय सिंह, अमित उर्फ टुनटुन, पुत्रवधू ममता सिंह, जयमाला सिंह, और पोते–पोती प्रशांत सिंह, विशाल सिंह, कुमारी काजल सिंह आदि परिवारजन को छोड़ गए।मध्यवर्गीय परिवार में जन्मे कामरेड लाल बहादुर सिंह ने बचपन में ही पिता को खो दिया था। परिवारिक संघर्षों, सामाजिक बुराइयों और सामंतवाद–मनुवाद के खिलाफ उन्होंने आजीवन लड़ाई लड़ी। जनता के आंदोलनों में सक्रिय रहते हुए कई बार जेल भी गए। धरना, प्रदर्शन और विभिन्न जन–संघर्षों में उनकी भूमिका हमेशा अग्रणी रही।



