संघ प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे सामाजिक सद्भाव बैठक में, जन गोष्ठी में भी लेंगे भाग

संघ प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे सामाजिक सद्भाव बैठक में, जन गोष्ठी में भी लेंगे भाग
संघ प्रमुख रविवार को सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित करेंगे, जिसमें पूरे प्रांत से विभिन्न जाति, वर्गों और सामाजिक सद्भाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख सामाजिक लोग शामिल होंगे। इसी दिन अपराह्न 3:00 बजे से आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में शामिल होंगे, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख जन सम्मिलित होंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने रविवार को सामाजिक सद्भाव बैठक में शामिल होने पहुंचे। गोरक्ष प्रांत के प्रवास में संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। मोहन भागवत ने संघ यात्रा के 100 वर्ष एवं पंच परिवर्तन पर आधारित प्रदर्शनी का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इसके बाद प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
संघ प्रमुख रविवार को सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित करेंगे, जिसमें पूरे प्रांत से विभिन्न जाति, वर्गों और सामाजिक सद्भाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख सामाजिक लोग शामिल होंगे। इसी दिन अपराह्न 3:00 बजे से आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में शामिल होंगे, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख जन सम्मिलित होंगे।
संगोष्ठी में समाज के विविध घटकों के बीच पारस्परिक विश्वास, समन्वय और सहयोग को सुदृढ़ करने पर विशेष चर्चा होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार शाम गोरक्षनगरी पहुंचे। एयरपोर्ट से वह सीधे राजेंद्रनगर स्थित संघ कार्यालय माधवधाम पहुंचे और वहां प्रांत प्रचारकों से मुलाकात कर कार्यक्रमों पर चर्चा की।संघ प्रमुख तीन दिवसीय प्रवास में चार कार्यक्रमों में शामिल होंगे। रविवार को सामाजिक सद्भाव बैठक और प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित करेंगे। संघ प्रमुख शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे दिल्ली की फ्लाइट से आए। एयरपोर्ट पर प्रांत प्रचारक रमेश, गोरक्ष प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल सहित कई पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
इसके बाद वह संघ कार्यालय पहुंचे, जहां आरएसएस के पदाधिकारियों से शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रमों पर चर्चा की। संघ प्रमुख रविवार सुबह संघ कार्यालय में लगने वाली शाखा में भी शामिल होंगे। प्रवास के तीसरे दिन 16 फरवरी को सुबह 9:30 बजे से कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।बैठक में शताब्दी वर्ष के अब तक हुए कार्यक्रमों की समीक्षा और आगे होने वाले कार्यक्रम की योजना-रचना पर चर्चा की जाएगी। बैठक में जिला टोली, विभाग टोली और प्रांत कार्यकारिणी के कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।



