शिक्षक की पाती’ – ईमेल व पोस्टकार्ड भेजो अभियान चलाकर शिक्षकों ने मांगी टेट अनिवार्यता से मुक्ति।

‘शिक्षक की पाती’ – ईमेल व पोस्टकार्ड भेजो अभियान चलाकर शिक्षकों ने मांगी टेट अनिवार्यता से मुक्ति।
राष्ट्रव्यापी मशाल जुलूस 13 अप्रैल को।
गोरखपुर
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के जिला संयोजक व विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश मंत्री/ जिलाध्यक्ष तारकेश्वर शाही ने कैम्प कार्यालय पर आयोजित बैठक में कहा कि टेट अनिवार्यता से मुक्ति के लिए आंदोलन के प्रथम चरण में महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को *शिक्षक की पाती – ईमेल व पोस्टकार्ड भेजो अभियान* चलाकर 09 से 15 मार्च तक ईमेल व पोस्टकार्ड भेजकर मानवीय आधार अपनी सेवा की सुरक्षा के लिए मांग की, जो सफल रहा। आन्दोलन के द्वितीय चरण में 13 अप्रैल को सायं 04.00 बजे से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कचहरी चौराहा होते हुए शहीद भगत सिंह की प्रतिमा तक *मसाल जूलूस* निकल कर अपनी मांग के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त किया जाएगा।
आंदोलन के तीसरे चरण में इको गार्डन पार्क लखनऊ में *विशाल महारैली* का कार्यक्रम निर्धारित है ।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि पअगस्त 2011 के पूर्व तत्कालीन नियम व शर्तों के तहत नियुक्त शिक्षकों के ऊपर टेट की अनिवार्यता का डंडा चलाना नैसर्गिक न्याया के विरुद्ध है। खेल शुरू होने बाद खेल के नियम नहीं बदले जाते। बैठक में महासंघ के सह संयोजक संजय राज सिंह, रणधीर सिंह, शिव प्रसाद शर्मा, राजकुमार, सुनील मिश्रा, रणवीर प्रताप शाही, रणविजय सिंह, अजय कन्नौजिया, चन्द्रनाथ राय, अखिलेश्वर मिश्र, संजय चौरसिया, विपिन मिश्रा, देवेश सिंह, संजीव सिंह, गिरजेश शाही, सुरेश पासवान, मो. आसिम, नरसिंह फौजी आदि पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। संचालन महासंघ के महासचिव त्रिपुरारी दूबे ने किया।



