विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में डीएम ने बूथों का किया निरीक्षण, ड्राफ्ट मतदाता सूची पर लिया फील्ड फीडबैक।

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।
आज दिनांक।11/01/026को
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में डीएम ने बूथों का किया निरीक्षण, ड्राफ्ट मतदाता सूची पर लिया फील्ड फीडबैक।

गाज़ीपुर।विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश कुमार ने शुक्रवार को सदर विधानसभा क्षेत्र स्थित लूदर्स कॉन्वेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज में बने मतदेय स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) से अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली तथा मौके पर मौजूद नागरिकों से संवाद कर ड्राफ्ट मतदाता सूची की स्थिति जानी।जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन 06 जनवरी 2026 को किया जा चुका है। 11 जनवरी से जनपद के सभी बूथों पर बीएलओ ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ उपस्थित हैं, जहां नागरिक अपने नाम की जांच कर सकते हैं। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है। यह आवेदन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन के लिए वोटर डॉट ईसीआई डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल अथवा वोटर हेल्पलाइन ऐप का उपयोग किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि जिन नागरिकों ने मतदाता सूची से मोबाइल नंबर लिंक कर रखा है, वे वोटर हेल्पलाइन ऐप पर मोबाइल नंबर दर्ज कर परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक साथ देख सकते हैं। जिनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वे भी निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर जाकर अपना नाम खोज सकते हैं। सत्यापन के बाद भी यदि नाम सूची में न मिले, तो फॉर्म-6 भरना अनिवार्य होगा। यदि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं या माता-पिता अथवा दादा-दादी में से किसी का नाम दर्ज रहा हो, तो उसका विवरण देने से सत्यापन प्रक्रिया सरल हो जाती है।जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जिन मतदाताओं की फोटो खराब है अथवा जो “नो मैपिंग” की श्रेणी में आते हैं, वे अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक सुधार करा सकते हैं। जन्म-तिथि के आधार पर दस्तावेजों की आवश्यकता स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे नागरिकों को 13 वैध पहचान पत्रों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। 1 जुलाई 1987 के बाद एवं दिसंबर 2004 से पहले जन्मे नागरिकों को स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा, जबकि 2004 के बाद जन्मे नागरिकों को स्वयं तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा एसडीएम स्तर के अधिकारी भी निगरानी में लगे हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए नागरिक वोटर हेल्पलाइन ऐप अथवा निर्वाचन आयोग के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। नई सुविधा के अंतर्गत नागरिक बीएलओ को कॉल रिक्वेस्ट भी भेज सकते हैं, जिस पर संबंधित बीएलओ स्वयं संपर्क करेंगे।
मतदाता पहचान के लिए स्वीकार्य 13 वैध दस्तावेज
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में—
सरकारी कर्मचारी/पेंशनर पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि/आवास आवंटन पत्र, आधार से संबंधित दस्तावेज (ईसीआई निर्देशानुसार) सहित कुल 13 दस्तावेज शामिल हैं।



