लखनऊ छठ पूजा के नाम पर फिर घोटाला

लखनऊ छठ पूजा के नाम पर फिर घोटाला
लखनऊ। छठा महापर्व को एक महीना बीत चुका है, लेकिन नगर निगम के इंजीनियर अब भी घाट की मरम्मत के नाम पर टेंडर जारी कर लाखों का घोटाला कर रहे हैं। दो सप्ताह में दूसरी बार इस तरह का मामला सामने आया है। नगर निगम में दो वर्ष पहले भी यह खेल हो चुका है।जोन चार के कॉल्विन कॉलेज-निशातगंज वार्ड में आने वाले गोमती तट स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास छठ पूजा के लिए घाट की मरम्मत, पंडाल और कुर्सी की आपूर्ति के लिए टेंडर हुआ था। 1.22 लाख रुपये के काम के लिए 11 नवंबर को टेंडर जारी हुआ। ऐसे में सवाल उठा कि जब पर्व बीत चुका है तो अब टेंडर क्यों निकाला गया? मामला फंसता देख जोनल अभियंता ने टेंडर निरस्त कर दिया।
यह मामला ठंडा हुआ ही था कि अब जोन तीन में इसी तरह की घपलेबाजी सामने आई है। इसमें झूलेलाल वाटिका पार्क, संझिया घाट व बैरल नंबर दो छठ पूजा घाट पर पुताई, कम्पोस्ट पिट की मरम्मत व अर्पण पात्र और अन्य कामों का 5.18 लाख रुपये का टेंडर निकाला गया है।
मैनुअल तरीके से जारी किए गए टेंडरटेंडर मैनुअल तरीके से जारी किए गए, ताकि इन्हें आसानी से पूल कराया जा सके। ई टेंडर करने पर ऐसा कराना मुश्किल होता है। सूत्रों ने बताया कि नगर निगम के इंजीनियर भ्रष्टाचार करने के लिए इसी तरह चुपके से मैनुअल टेंडर जारी कर देते हैं। फिर इन्हें पूल करवाकर अपने खास ठेकेदार को टेंडर दिलवा देते हैं। इंजीनियर फर्जी फाइल बनाकर दिखा देते हैं कि काम कराया गया। फिर बिल बनाकर भुगतान करा लेते हैं, जिसमें सभी की मिलीभगत रहती है।
जिम्मेदार बोले-बचे काम कराए जा रहेनगर निगम जोन तीन के जोनल अभियंता नजमी मुजफ्फर का कहना है कि बचे काम कराए जा रहे हैं। उस समय ये काम नहीं हो पाए थे। हालांकि, छठ पूजा होने के बाद टेंडर क्यों जारी किया जा रहा है, इसका जवाब देने से वह बचते रहे।
कोट
मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और जो जिम्मेदार होगा उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।- गौरव कुमार, नगर आयुक्त



