लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एकमुश्त होगा टोल

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एकमुश्त होगा टोल
एनएचएआई के कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर प्रति किमी टोल नहीं लिया जाएगा, बल्कि एकमुश्त टोल 125 रुपये होगा। यह एक्सप्रेस-वे 63 किमी लंबा है और इसे मार्च में खोलने की उम्मीद है। इससे कानपुर से लखनऊ की यात्रा 35 से 45 मिनट में पूरी होगी। इस मार्ग से पुराने हाईवे पर ट्रैफिक लोड 60 प्रतिशत कम होगा।
एनएचएआई के 63 किमी लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर प्रति किमी टोल वसूली न होकर एकमुश्त लिया जाएगा। प्रदेश के बाकी यूपीडा के एक्सप्रेस वे पर प्रति किमी यात्रा करने पर टोल लिया जाता है। छोटा होने की वजह से यह व्यवस्था की गई है। एनएचएआई ने नए एक्सप्रेस-वे के ट्रैफिक लोड का आकलन किया है, जिसके तहत इस पर शुरुआत में ही 40 हजार वाहनों की प्रतिदिन आवाजाही होने की उम्मीद है। एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक लोड शिफ्ट होने से कानपुर से लखनऊ के बीच पुराने हाईवे पर 60 प्रतिशत लोड कम हो जाएगा। एक्सप्रेस-वे को मार्च में शुरू होने की उम्मीद है।
सिक्सलेन एक्सप्रेस वे को इस तरह से बनाया गया है, जिससे वह अगले 50 वर्षों तक ट्रैफिक लोड संभालने में सक्षम होगा। इस एक्सप्रेस वे को आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। एक्सप्रेस वे पर बाइक और तिपहिया वाहन नहीं चलेंगे। कार से लेकर हैवी वाहनों के लिए इसे बनाया गया है। इस अत्याधुनिक एक्सप्रेस वे पर कानपुर से लखनऊ की दूरी 35 से 45 मिनट में पूरी हो जाएगी। अभी कम से कम तीन घंटे में सफर पूरा होता है। 125 रुपये तक होगा एक्सप्रेस-वे का टोल कार से एक्सप्रेस वे पर सफर करने में एकमुश्त टोल करीब 125 रुपये तक प्रस्तावित है। जबकि सालाना पास तीन हजार रुपये होगा। इससे प्रतिदिन 15 रुपये टोल लगेगा। अभी एनएचएआई ने टोल की दरें लागू नहीं की गई हैं लेकिन एनएचएआई सूत्रों के मुताबिक इसका प्लान तैयार किया गया है। इन्हीं प्रस्तावित दरों से टोल वसूली की उम्मीद है। एक्सप्रेस वे को भविष्य में गंगा एक्सप्रेस वे और आगे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे कनेक्ट होगा। इससे लंबी दूरी का सफर आसान होगा। बुंदेलखंड से आने जाने वाले मौरंग-गिट्टी के ट्रकों के एक्सप्रेस वे पर शिफ्ट होने पर जाम की समस्या कानपुर से लखनऊ के बीच खत्म होगी। कानपुर की आउटर रिंग रोड बनने के बाद एक्सप्रेस वे से इसे जोड़ा जाएगा



