राष्ट्र प्रेरणा स्थल बना लखनऊ का सबसे बड़ा चौथा पार्क, राजधानी का नया दर्शनीय स्थल

राष्ट्र प्रेरणा स्थल बना लखनऊ का सबसे बड़ा चौथा पार्क, राजधानी का नया दर्शनीय स्थल
बसंतकुंज योजना में कमल के फूल की आकृति में डिजाइन किया गया राष्ट्र प्रेरणा स्थल अब लोक के हवाले हो गया है।
जागिंग ट्रैक, मेडिटेशन सेंटर, विपश्यना केंद्र व योग केंद्र जैसी सुविधाएं
विवाह आदि आयोजन के लिए भी हो सकता उपयोग, अभी टिकट नहीं
राजधानी लखनऊ में पार्कों व सुसज्जित स्थलों की लंबी श्रृंखला है। राष्ट्र प्रेरणा स्थल अब जनेश्वर मिश्र, लोहिया पार्क व अंबेडकर पार्क के बाद सबसे बड़ा पार्क हो गया है। फिलहाल यहां प्रवेश के लिए टिकट आदि लगाने की अभी योजना नहीं है।
खासकर चौक, ठाकुरगंज आदि पुराने लखनऊ वासियों के लिए यह बेहद उपयोगी होगा। यहां के जागिंग ट्रैक पर टहल सकेंगे और मेडिटेशन, विपश्यना केंद्र व योग केंद्र आदि परिसर में बने हैं। राजनीतिक दल इस परिसर में रैलियां आदि कर सकेंगे साथ ही एम्फी थियेटर का उपयोग नियमित अंतराल पर होने वाले सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी आसानी से हो सकेगा।
संभव है कि एलडीए यहां पर विवाह आदि समारोह करने की भी अनुमति दे। उल्लेखनीय है कि जनेश्वर मिश्र पार्क, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान आदि में विवाह समारोह होते हैं। एलडीए इसे दो एजेंसियों के हवाले कर रही है, अनुरक्षण समिति जल्द ही बनेगी। फिलहाल प्रवेश के लिए टिकट आदि लगाने की अभी योजना नहीं है।
बसंतकुंज योजना में कमल के फूल की आकृति में डिजाइन किया गया राष्ट्र प्रेरणा स्थल अब लोक के हवाले हो गया है। 6300 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले म्यूजियम में पूर्व पीएम अटल, डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व एकात्म मानववाद विचार के प्रणेता रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय का भी जीवन संघर्ष देख व सुन सकते हैं।



