राष्ट्रपति के अभिभाषण में व्यवधान लोकतंत्र का अपमान…’, पंकज चौधरी बोले- संसद की गरिमा को पहुंची ठेस

राष्ट्रपति के अभिभाषण में व्यवधान लोकतंत्र का अपमान…’, पंकज चौधरी बोले- संसद की गरिमा को पहुंची ठेस
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में व्यवधान लोकतंत्र का अपमान है। कांग्रेस व इंडी गठबंधन ने संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के दौरान हुए हंगामे पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय किया गया विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। इससे संसद की गरिमा को ठेस पहुंची है।
पंकज चौधरी ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण सरकार की नीतियों, प्राथमिकताओं और उपलब्धियों को देश के सामने रखने का सांविधानिक अवसर होता है। ऐसे मौके पर जानबूझकर व्यवधान पैदा करना अराजकता फैलाने जैसा है। संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हंगामे के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम का भी अपमान हुआ, जो देश की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है। कांग्रेस का यह आचरण उसकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्थिति को संभालने का कोई प्रयास नहीं किया। संसद लोकतंत्र का मंदिर है, जहां संवाद और बहस के जरिए अपनी बात रखी जानी चाहिए। विपक्षी दलों को इस व्यवहार के लिए देशवासियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।



