योगी के विजन से पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का ग्रोथ इंजन बना गीडा

योगी के विजन से पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का ग्रोथ इंजन बना गीडा
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) का 36वां स्थापना दिवस समारोह 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समारोह का उद्घाटन करेंगे, जिसमें हजारों करोड़ रुपये के निवेश और रोजगार के अवसरों की घोषणा की जाएगी। पिछले आठ वर्षों में गीडा ने 11618.75 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया है।
गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। तकरीबन साढ़े तीन दशक पहले स्थापित गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ सालों में पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। प्रगति गाथा के स्मरण, वर्तमान परियोजनाओं के मूर्तमान स्वरूप और भावी निवेश-रोजगार का खाका खींचने के लिए गीडा का तीन दिवसीय 36वां स्थापना दिवस समारोह 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक मनाया जाएगा। 29 नवंबर को समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस अवसर पर वह भूमि आवंटन प्रमाण पत्र वितरण और औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण-शिलान्यास के जरिए हजारों करोड़ रुपये के निवेश और हजारों लोगों के लिए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
वहीं, गीडा की तरफ से लगाए जा रहे राज्य स्तरीय व्यापार मेला का भी शुभारंभ होगा। गीडा की स्थापना 30 नवंबर 1989 को हुई थी, लेकिन निवेशकों का रुझान यहां 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बढ़ा। सीएम योगी के नेतृत्व में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर व कनेक्टिविटी के विस्तार और निवेशकों के लिए प्रोत्साहनपरक नीतियों ने देशभर के निवेशकों के लिए इसे पसंदीदा गंतव्य बनाया। आठ साल में 11618.75 करोड़ रुपये का निवेश पिछले कुछ वर्षों में गीडा क्षेत्र में केयान इंडस्ट्रीज ने 1200 करोड़ रुपये, पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण ब्रेवरेज ने 1100 करोड़, अंकुर उद्योग ने 500 करोड़, इंडिया ऑटोव्हील्स ने 400 करोड़, एसडी इंटरनेशनल ने 300 करोड़, सीपी मिल्क एंड फूड्स (ज्ञान डेयरी) ने 118 करोड़, तत्वा प्लास्टिक्स ने 105 करोड़ और कपिला कृषि उद्योग ने 100 करोड़ रुपये का निवेश किया है। सरकार के नजरिए में आए बदलाव के आठ सालों में गोरखपुर को 497 औद्योगिक इकाइयों के सापेक्ष 11618.75 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश प्राप्त हुए, जिससे 39448 लोगों के रोजगार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2012 से 2017 तक औद्योगिक निवेश दो यूनिट्स के सापेक्ष महज 29.33 करोड़ रुपये और इसके जरिये रोजगार की संख्या मात्र 307 थी। भूमि आवंटन से 6139 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित स्थापना के 36वें स्थापना वर्ष में गीडा ने वर्तमान वर्ष में अब तक कुल 8 लाख 71 हजार 841 वर्गमीटर क्षेत्रफल में 116 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निवेशकों को किया है। इससे करीब 6139 करोड़ रुपये का निवेश और 11072 रोजगार सृजन प्रस्तावित है। आवंटित किए गए भूखंडों में से पांच निवेशकों को आवंटन पत्र का वितरण गीडा स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हाथों किया जाएगा। इसके साथ ही 134 करोड़ 15 लाख रुपये की निवेश वाली 38 यूनिटों का शिलान्यास और 123 करोड़ 82 लाख रुपये के निवेश से तैयार 33 यूनिटों का लोकार्पण भी सीएम के हाथों होना भी प्रस्तावित है। लोकार्पण और शिलान्यास वाली इन यूनिटों से 2700 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। व्यापार मेला में ओडीओपी का जलवा गीडा की सीईओ अनुज मलिक के मुताबिक, स्थापना दिवस पर राज्य स्तरीय व्यापार मेला लगेगा। इसमें बड़ी कंपनियों के उत्पादों के साथ स्थानीय उत्पादों, खासकर ओडीओपी का भी जलवा देखने को मिलेगा। स्थानीय उत्पादों और ओडीओपी को बेहतर मंच देने के लिए अलग स्टॉल होंगे। व्यापार मेला में कई सरकारी विभागों की विकास और जनकल्याण योजनाओं की प्रदर्शनी भी नजर आएगी। 114 कार्यों का होगा लोकार्पण व शिलान्यास गीडा द्वारा विकसित किए जा रहे विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के 114 कार्यों (लागत 408 करोड़ रुपये) का लोकार्पण और शिलान्यास भी गीडा दिवस पर सीएम योगी के हाथों प्रस्तावित है। इन कार्यों में सड़क, नाली, पुलिया व बिजली से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। नाइलिट से प्रशिक्षित युवाओं को मिलेगा प्रमाण पत्र गीडा ने स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए नाइलिट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के साथ एमओयू हस्ताक्षरित कर 9,280 वर्गमीटर का कैम्पस, मय निर्मित भवन निशुल्क उपलब्ध कराया है। अभी तक 13 पाठ्यक्रमों में 817 युवाओं को प्रशिक्षण मिला है। स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री , नाइलिट गीडा केंद्र से प्रशिक्षित 5 युवाओं को प्रमाण पत्र वितरण करेंगे। फ्लैटेड फैक्ट्री से सृजित होंगे एक हजार नए रोजगार 10,800 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विशेष रुप से प्लग एंड प्ले उद्योगों के लिए जी 3 बहुमंजिला संरचना में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स बना है। इसमें कुल 80 यूनिटों का आवंटन प्रस्तावित है। इस प्रोजेक्ट के क्रियाशील होने पर 200 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश से करीब 1000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप दक्षिणांचल में 6876 एकड़ में धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जा रही है।
इंडस्ट्रियल टाउनशिप के प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में 800 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा रही है। अब तक अधिग्रहित भूमि में से दो औद्योगिक समूहों को जमीन दी गई है। इसमें अंबुजा सीमेंट की यूनिट के लिए अडानी ग्रुप को 46.63 एकड़ एवं श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड को 60.48 एकड़ भूमि आवंटित है। इन दोनों आवंटन से इस औद्योगिक क्षेत्र के प्रथम चरण में ही 4200 करोड़ रुपये का निवेश एवं 6500 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन प्रस्तावित है। पेप्सिको, कोका कोला और कैम्पा को भी भाया गीडा में बना औद्योगिक विकास का माहौल पेप्सिको, कोका कोला और कैम्पा को भी भा रहा है।
मल्टीनेशनल पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेजेज का 1100 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित बॉटलिंग प्लांट यहां पहले से उत्पादनरत है। कोका कोला के प्लांट का भूमि पूजन हो चुका है। इसके लिए गीडा सेक्टर 27 में 40 एकड़ भूमि का आवंटित है। पहले चरण में यहां 700 करोड़ रुपये के निवेश से प्लांट लगाया जा रहा है। नए दौर में रिलायंस समूह के स्वामित्व वाले कैम्पा ब्रांड के कोल्ड ड्रिक की यूनिट लगाने के लिए भी समूह द्वारा गीडा के धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में जमीन पसंद की गई है।



