योगी का ‘डिजिटल प्रहार’: गोरखपुर में साइबर फॉरेंसिक लैब का आगाज, बेटियों के लिए हाईटेक हॉस्टल की सौगात

योगी का ‘डिजिटल प्रहार’: गोरखपुर में साइबर फॉरेंसिक लैब का आगाज, बेटियों के लिए हाईटेक हॉस्टल की सौगात
गोरखपुर | 25 मार्च, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में तकनीकी क्रांति और महिला सशक्तिकरण की दिशा में दो बड़े कदम उठाए। सीएम ने यहाँ ₹4 करोड़ की लागत से नवनिर्मित ‘साइबर फॉरेंसिक रिसर्च लैब’ का उद्घाटन किया और छात्राओं के लिए अत्याधुनिक एसी हॉस्टल का शिलान्यास किया।
प्रमुख आकर्षण और मुख्य बिंदु:
हाईटेक साइबर लैब: ₹4 करोड़ की लागत से तैयार यह लैब AI-आधारित सॉफ्टवेयर और मोबाइल फॉरेंसिक जैसी एडवांस सुविधाओं से लैस है। यह न केवल अपराधों की गुत्थी सुलझाएगी, बल्कि छात्रों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार भी करेगी।
बेटियों के लिए ‘आधुनिक घर’: पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के सहयोग से ₹13.66 करोड़ के CSR फंड द्वारा 144 छात्राओं के लिए एयर-कंडीशन्ड हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
बदलता उत्तर प्रदेश: सीएम ने गर्व से साझा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में मात्र 2 साइबर थाने थे, लेकिन आज राज्य के हर जिले में एक समर्पित साइबर थाना और हेल्प डेस्क अपराधियों पर नकेल कस रही है।
”तकनीक ही भविष्य है” – मुख्यमंत्री का संबोधन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा और सुरक्षा के एकीकरण पर जोर दिया:
”आज का दौर ‘न्यू एज कोर्सेज’ का है। हमारे तकनीकी संस्थानों को पुराने ढर्रे से बाहर निकलकर ड्रोन टेक्नोलॉजी, एआई और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों को अपनाना होगा। यह लैब सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सुरक्षित डिजिटल प्रदेश की नींव है।”
लैब से क्या बदलेगा?
तेज जांच: पुलिस और जांच एजेंसियों को साइबर अपराधों (जैसे वित्तीय धोखाधड़ी, डेटा ब्रीच) को सुलझाने में तकनीकी मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण: MMMUT के छात्र वास्तविक समय (Real-time) में फॉरेंसिक टूल्स पर काम करना सीख सकेंगे।
रोजगार: साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते करियर अवसरों के लिए युवाओं को यहीं तैयार किया जा सकेगा।



