यूपी मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को दी जाने वाली नौकरी पर सख्त आदेश, अब तीन माह में करना होगा निस्तारण

यूपी मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को दी जाने वाली नौकरी पर सख्त आदेश, अब तीन माह में करना होगा निस्तारण

उत्तर प्रदेश शासन ने मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को नियमावली-1974 के तहत दी जाने वाली नौकरी के मामलों का निस्तारण अधिकतम तीन माह में करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी विभागों को पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि परिवारों को राहत मिल सके।
उत्तर प्रदेश शासन ने सेवाकाल में मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को दिए जाने वाले सेवायोजन (कंपैशनेट अपॉइंटमेंट) के मामलों में हो रही देरी पर सख्ती दिखाई है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की ओर से जारी शासनादेश में निर्देश दिया गया है कि ऐसे सभी प्रकरणों का निस्तारण अधिकतम तीन माह के भीतर पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
कार्मिक अनुभाग-2 की ओर से जारी आदेश सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजा गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती (यथासंशोधित) नियमावली-1974 का उद्देश्य आकस्मिक मृत्यु के बाद परिवार को आर्थिक संकट से उबारना है।
शासन के संज्ञान में आया है कि कई मामलों में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिससे आश्रित परिवारों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नियमावली के अंतर्गत आने वाले प्रकरणों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण किया जाए।



