
बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।
आज दिनांक।28/01/026को
*मैच उद्घाटन के बहाने शहीद चौराहा पहुंचे अरविंद राजभर, पुराने वादे याद दिलाते ही बढ़ा जनआक्रोश*
शादियाबाद (गाजीपुर)।महाराजा राष्ट्रीय सुहेलदेव स्टेडियम लखमनपुर डिहवा में आयोजित एक खेल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने जा रहे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (भासपा) के राष्ट्रीय महा सचिव अरविंद राजभर रास्ते में अमर शहीद जगपति राम चौराहा पहुंचे। यहां उन्होंने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान जहां शहीद के प्रति सम्मान जताया गया, वहीं पूर्व में दिए गए वादों की हकीकत सामने आते ही माहौल तल्ख हो गया।स्थानीय लोगों ने याद दिलाया कि 25वें शहादत दिवस पर जब अरविंद राजभर मुख्य अतिथि के रूप में इसी स्थान पर पहुंचे थे, तब उन्होंने शहीद जगपति राम की समाधि स्थल पर एक हाई मास्क लाइट और एक प्रवेश द्वार (गेट) लगवाने का सार्वजनिक आश्वासन दिया था।लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी न तो लाइट लगी और न ही गेट का निर्माण हुआ, जिससे जनता में गहरी नाराज़गी देखी गई।इसी क्रम में शादियाबाद थाना चौराहा पर लगी हाई मास्क लाइट भी सवालों के घेरे में रही। जानकारी के अनुसार यह लाइट महज दो महीने जलने के बाद खराब हो गई और अब सिर्फ शो-पीस बनकर रह गई है।जब इस मुद्दे पर मौके पर मौजूद क्षेत्रीय विधायक बेदी राम से सवाल किया गया तो उनका जवाब आग में घी डालने जैसा साबित हुआ। विधायक ने कहा—
*“जब मैं चाहूंगा, तब लाइट जलेगी।”*
इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना था कि यह जवाब जनता और शहीदों के सम्मान का अपमान है।वहीं, अरविंद राजभर से जब शहीद स्मारक से जुड़े अधूरे कार्यों और खराब पड़ी लाइट को लेकर सवाल किए गए तो वे सीधे जवाब देने से बचते नजर आए। कई सवालों पर उन्होंने गोलमोल जवाब देकर बात टालने की कोशिश की, जिससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहीदों के नाम पर सिर्फ कार्यक्रम और औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि ज़मीनी स्तर पर न तो सुविधाएं सुधर रही हैं और न ही वर्षों पुराने वादे पूरे हो रहे हैं।, स्थानीय निवासी नदीम सिद्दीकी ने कहा की चौराहे पर लाईट न जलने की वजह से पूरा चौराहा अंधेरे में डूबा रहता है जिससे आस पास के लोगों को काफी दिक्कतें होती है,मसूदपुर निवासी आफताब सिद्दीकी ने नाराजगी जताते हुए कहा की लाईट जब लगी थी क्षेत्रीय लोग काफी खुश थे लेकिन ये खुशी महज दो माह के बाद ही हाई मास्क लाइट खुद का भी मुंह नहीं देख पाती


