मां भारती के वीर सपूत को अंतिम सलाम, शहीद नायक रोशन यादव का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, उमड़ा जनसैलाब

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।
आज दिनांक।27/01/026को
मां भारती के वीर सपूत को अंतिम सलाम, शहीद नायक रोशन यादव का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, उमड़ा जनसैलाब


गाजीपुर।गाजीपुर जनपद के ग्राम कनूवान निवासी भारतीय सेना के नायक रोशन यादव जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं हर आंख नम और हर सीना गर्व से चौड़ा नजर आया।दिनांक 27 जनवरी को शहीद रोशन यादव का पार्थिव शरीर हंसराजपुर–शादियाबाद थाना चौराहा से होते हुए जब उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो भारत माता की जय, वंदे मातरम् और रोशन यादव अमर रहें के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रास्ते भर लोगों ने पुष्पवर्षा कर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।शहीद रोशन यादव वर्ष 2014 में भारतीय सेना में नायक पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। वे अपने पीछे पिता राजेंद्र यादव, माता शांति देवी, बड़े भाई प्रोफेसर रजनीश यादव (कुशीनगर), पत्नी शिखा यादव और दो मासूम पुत्रों को छोड़ गए हैं। बड़े पुत्र आरव (5 वर्ष) तथा दूसरा पुत्र मात्र 3 माह का है। परिजनों के अनुसार, छोटे बेटे के जन्म के समय वे अंतिम बार घर आए थे। उनकी अगली छुट्टी 20 फरवरी को प्रस्तावित थी, लेकिन देश सेवा सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने उससे पहले ही सर्वोच्च बलिदान दे दिया।गांव कनूवान सहित पूरे क्षेत्र में शहीद की शहादत पर शोक के साथ-साथ गर्व का माहौल है। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, महिलाएं, पुरुष, युवा, सामाजिक संगठन एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भारी संख्या में उनके घर पहुंचे। शहीद के साथ आए सेना के जवानों ने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को सलामी दी और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत पार्थिव शरीर को गाजीपुर ले जाया गया।शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख रूप से उप जिलाधिकारी जखनिया अतुल कुमार, पूर्व विधायक त्रिवेणी राम, ब्लॉक अध्यक्ष वजीर भारती, विधानसभा अध्यक्ष अवधेश यादव, पूर्व प्रमुख गरीब राम, सुखलाल राजभर, पीयूष विक्रम यादव, सैनिक संगठन ट्रस्ट के प्रदेश उपाध्यक्ष कैप्टन उमाशंकर यादव, सूबेदार मेजर मोहम्मद सोबराती, सूबेदार अमरनाथ, कल्याण सिंह यादव, संजय मौर्य, मारकंडे यादव, कमलेश यादव, राजेंद्र यादव, सुखराम यादव, सुभाष, ओमप्रकाश, वायु नंदन पांडे, बंटी, सोनू यादव, प्रधान सत्येंद्र पासवान सहित हजारों की संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और नौजवान उपस्थित रहे।
देश ने एक सपूत खोया है, लेकिन इतिहास ने एक अमर नाम पाया है।नायक रोशन यादव की शहादत आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देती रहेगी।



