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बड़े किराना दुकानदार कच्चे पर्चे पर कर रहे प्रतिदिन लाखों का लेनदेन

बड़े किराना दुकानदार कच्चे पर्चे पर कर रहे प्रतिदिन लाखों का लेनदेन

जीएसटी नियमों की उड़ रही खुलेआम धज्जियां

पान मसाला, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू के उत्पादो की हो रही जमकर कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक रेट पर की जा रही खुलेआम बिक्री

करोड़ों रुपए के टैक्स की प्रतिदिन की जा रही चोरी, जीएसटी विभाग बना मूकदर्शक, ग्राहकों की जेब पर डाला जा रहा डाका

फतेहपुर जनपद में किराना दुकानदार प्रतिदिन लाखों रुपए का लेनदेन कच्चे पर्चे पर कर रहे हैं, जिसकी वजह से लाखो रुपए का जीएसटी प्रतिदिन कालाबाजारी की भेंट चढ़ता दिख रहा है। इन दिनों पान मसाला एवं सिगरेट पर सरकार के द्वारा 40% टैक्स लगाने के निर्णय के बाद किराना दुकानदार एवं थोक व्यवसायी सरकार के इस निर्णय का अनावश्यक लाभ लेने का पूरा खाका तैयार करने के साथ ही पुराने सामान की एमआरपी से अधिक दाम पर पान मसाला (गुटखा), सिगरेट एवं बीड़ी की कालाबाजारी तेजी से शुरू कर दी है, यह कालाबाजारी केवल शहर तक ही सीमित नहीं है इसका असर अब गांवो में भी देखा जा रहा है।

इस मामले में जहां एक तरफ छोटे दुकानदारों का कहना है कि उन लोगों को मनमानी दामों में गुटखा, सिगरेट एवं बीड़ी, बड़े दुकानदार एवं किराना व्यापारी दे रहे हैं जिसकी वजह से वह लोग भी मजबूरीवश लोगों से दाम बढ़ाकर फुटकर सामान की बिक्री कर रहे हैं। छोटे दुकानदारों का यह भी कहना है कि वह लोग एक-दो पैकेट पान मसाला एवं सिगरेट लेकर अपना व्यापार कर रहे हैं जिसकी वजह से जहां एक तरफ ग्राहकों का शोषण हो रहा है वहीं दूसरी तरफ छोटे दुकानदारों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार तो ग्राहकों एवं दुकानदारों के बीच लड़ाई-झगड़ा तक देखने को मिलता है।

इस मामले में सूत्र बताते हैं कि बड़े दुकानदार एवं किराना व्यापारियों ने बड़े पैमाने पर पुराने का पान मसाला एवं सिगरेट स्टाक कर लिया है और मनमानी ढंग से छोटे दुकानदारों को सामान बेचा जा रहा है जिसकी वजह से इसका सीधा नुकसान ग्राहकों को उठाना पड़ रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर वाणिज्य कर विभाग अपनी जिम्मेदारी के साथ किराना दुकानदारों एवं थोक व्यापारियों के यहां छापा मार अभियान शुरू कर दे तो बड़े पैमाने पर गुटखा एवं सिगरेट बरामद की जा सकती है और इस कालाबाजारी पर विराम भी लगाया जा सकता है।

सबसे हैरत की बात तो यह है कि किराना दुकानों में खास तौर पर देखा जाता है कि लाखों रुपए का लेनदेन सिर्फ कच्चे पर्चे पर किया जा रहा है जिसकी वजह से सरकार का करोड़ों रुपए का टैक्स प्रतिदिन चोरी किया जाता है। अगर वाणिज्य कर विभाग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करना शुरू कर दे तो निश्चित रूप से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की हो रही चोरी पर काफी हद तक रोक लगा सकती है।

सूत्रों का कहना है कि फतेहपुर शहर कि अगर बात की जाए तो चौक बाजार, लाला बाजार, वर्मा चौराहा, हरिहरगंज, रेल बाजार, पत्थरकटा चौराहा समेत अन्य इलाकों में किराना व्यापारी बड़े पैमाने पर गुटखा एवं सिगरेट का स्टॉक डंप किए हुए हैं और अपने मनमाने रेट पर पुराने एमआरपी का गुटका एवं सिगरेट बिक्री कर रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर जीएसटी विभाग इस मामले में चुप्पी क्यों साधे हुए हैं और लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद भी पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, तम्बाकू के बड़े थोक दुकानदार एवं किराना व्यापारियों के यहां छापामार अभियान चलाकर लोगों को राहत देने का काम क्यों नहीं कर रहा है…!

Balram Singh
India Now24

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