फतेहपुर : टेक्सारी बुजुर्ग में स्कूल के पास अवैध शराब बिक्री का आरोप

टेक्सारी बुजुर्ग में स्कूल के पास अवैध शराब बिक्री का आरोप
स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति, पुलिस-आबकारी की भूमिका पर उठे सवाल
फतेहपुर।थरियांव थाना क्षेत्र के टेक्सारी बुजुर्ग गांव में स्कूल के समीप अवैध शराब बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार, गांव निवासी शिव बाबू मौर्य पुत्र रामशरण मौर्य पर सुबह से शाम तक खुलेआम शराब बेचने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे स्कूली बच्चों, शिक्षकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहनाग्रामीणों का कहना है कि
“स्कूल के बगल इस तरह शराब बिकना बच्चों के भविष्य और गांव के माहौल दोनों के लिए खतरनाक है। कई बार बच्चों और मास्टरों को शराबियों से सामना करना पड़ता है।”
एक अन्य ग्रामीण ने बताया—
यह बिक्री आज की नहीं है, काफी समय से चल रही है। इसकी जानकारी कई बार संबंधित विभागों तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।
ओवररेटिंग के भी आरोप स्थानीय सूत्रों के अनुसार ,शराब ठेकों से लाकर ओवररेटिंग में बेचे जाने की भी चर्चा है।
सूत्र बताते हैं कि एक पौवा 110 से 120 रुपये में दिया जा रहा है, जबकि तय रेट इससे कम है।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री की जानकारी स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग को होने के बावजूद कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर कहा—
ऐसा लगता है कि बिना किसी संरक्षण के यह कारोबार चलना संभव नहीं है। तभी तो शराब माफिया बेखौफ है। सूत्रों के अनुसार, सदर तहसील क्षेत्र के आबकारी सर्किल से जुड़े कर्मियों और थाने के कुछ कारखास सिपाहियों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हैं , हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ?ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें सिर्फ यह जवाब मिलता है कि मामला संज्ञान में है, जांच की जा रही है।लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस-आबकारी के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि स्कूल के पास अवैध शराब बिक्री की निष्पक्ष जांच कराई जाए यदि आरोप सही पाए जाएं तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएऔर यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई हो। *ग्रामीणों का कहना है कि
कानून का असर जमीन पर दिखना चाहिए, सिर्फ कागजों में नहीं।
अब यह देखना अहम होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक कार्रवाई नजर आती है।
Balram Singh
India Now24



