गाजीपुर : कर-करेत्तर वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : मुख्य राजस्व अधिकारी

कर-करेत्तर वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : मुख्य राजस्व अधिकारी
गाजीपुर, 09 फरवरी। मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी की अध्यक्षता में तथा अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) दिनेश कुमार की उपस्थिति में कर-करेत्तर एवं मासिक स्टाफ बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।बैठक के दौरान कर-करेत्तर राजस्व की समीक्षा करते हुए मुख्य राजस्व अधिकारी ने परिवहन, वन विभाग, स्टाम्प, नगर पालिका, ऑडिट आपत्ति, चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण एवं मोटर देय से संबंधित बिंदुओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लक्ष्य के सापेक्ष वसूली सुनिश्चित करें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।इसके उपरांत राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मासिक स्टाफ बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित एवं विवादित प्रकरणों, दाखिल-खारिज तथा विवादित वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। मुख्य राजस्व अधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों से कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे सभी कार्यक्रमों में तत्परता के साथ कार्य करें, ताकि जनसामान्य को राजस्व योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।उन्होंने राजस्व वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डिमांड के अनुसार वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही धारा 24, धारा 34 एवं धारा 116 के अंतर्गत एक वर्ष से अधिक लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा धारा 67 के मामलों में टीम गठित कर स्थलीय सत्यापन के उपरांत निस्तारण करने के निर्देश दिए।बैठक में धारा 33, ई-परवाना एवं अंश निर्धारण की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य राजस्व अधिकारी ने कहा कि धारा 34 की सुनवाई एवं निष्पादन में तहसीलदार व नायब तहसीलदार गंभीरता बरतें तथा उपजिलाधिकारी इसकी नियमित समीक्षा करें। इसके अतिरिक्त सीमा स्तम्भ, कृषि भूमि पट्टा, आवास हेतु भूमि आवंटन, कुम्हारीकलां पट्टा, अंश निर्धारण एवं अंश संशोधन की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं पटल सहायक उपस्थित रहे।



