
बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।
आज दिनांक।22/01/026को
दलित युवक पर जानलेवा हमला, पुलिस पर मुकदमा दर्ज न करने का आरोप

जातिसूचक गालियों के साथ लाठी-डंडों से पीटा, बेहोशी की हालत में लूटपाट; चार दिन बाद भी न एफआईआर, न मेडिकल
गाजीपुर।सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम माहपुर में एक दलित युवक पर हुए बर्बर हमले के मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित के अनुसार जातिसूचक गालियों के साथ उस पर जानलेवा हमला किया गया, लेकिन घटना के चार-पाँच दिन बीत जाने के बावजूद न तो पुलिस ने दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया और न ही मेडिकल परीक्षण कराया।जानकारी के अनुसार ग्राम माहपुर निवासी 45 वर्षीय जितेन्द्र कुमार पुत्र फौजदार राम, 19 जनवरी की शाम लगभग 6–7 बजे भीमापार से अपनी गाड़ी गैराज की दुकान से घर लौट रहे थे। रास्ते में मुंह बांधे तीन अज्ञात हमलावरों ने उन्हें रोक लिया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनकी गाड़ी की बत्ती तोड़ दी। गाड़ी असंतुलित होकर गिर गई, जिसके बाद हमलावरों ने लाठी-डंडों से सिर, नाक, आंख और मुंह पर ताबड़तोड़ हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।पीड़ित के अनुसार हमलावरों ने उन्हें बेहोशी की हालत में छोड़ दिया और लूटपाट कर फरार हो गए। राहगीरों द्वारा सूचना दिए जाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में उन्हें सैदपुर कोतवाली ले जाया गया। आरोप है कि थाने में पीड़ित की हालत गंभीर होने के बावजूद पुलिस ने केवल एक कागज पर हस्ताक्षर कराकर छोड़ दिया, न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही मेडिकल परीक्षण कराया गया।
इस मामले की जानकारी मिलने पर सीपीएम कार्यालय जखनियां के जिला सचिव मंडल सदस्य विजय बहादुर सिंह और सुरेन्द्र भारती 22 जनवरी को पीड़ित के घर पहुंचे और परिजनों से घटना की पूरी जानकारी ली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को शिकायती पत्र देकर दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार की जान-माल की सुरक्षा की मांग की गई है।पीड़ित परिवार का कहना है कि हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे परिवार में दहशत का माहौल है। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।



