तहसील परिसर में लिप्टिस पेड़ों की कटाई पर रोक: दूसरी बोली के बाद भी स्वीकृति अटकी, मामला तूल पकड़ने लगा

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाजीपुर
आज दिनांक।19/11/025को
तहसील परिसर में लिप्टिस पेड़ों की कटाई पर रोक: दूसरी बोली के बाद भी स्वीकृति अटकी, मामला तूल पकड़ने लगा
जखनिया/गाजीपुर। तहसील परिसर में लगे लिप्टिस पेड़ों की कटाई को लेकर जारी विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। पूर्व में इन पेड़ों की नीलामी 14 लाख 51 हजार रुपये में हुई थी, लेकिन किसी कारणवश उसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद दूसरी बार नीलामी प्रक्रिया कराई गई, जिसमें 14 लाख 53 हजार रुपये की बोली राम अवतार कुशवाहा के नाम पर स्वीकृत हुई।मामला तब गरमाया जब उप जिलाधिकारी (एसडीएम) जखनिया ने स्पष्ट किया कि—”नीलामी तो हुई है, लेकिन अभी स्वीकृति नहीं मिली है।” इसी कारण उन्होंने पेड़ों की कटाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। एसडीएम ने आज मौके पर पहुंचकर कटाई कर रहे मजदूरों को रोकते हुए थाने भेज दिया।तहसीलदार ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि पहली बोली को विभागीय कारणों से निरस्त कर दिया गया था। दूसरी बोली के बाद संपूर्ण फाइल स्वीकृति के लिए संबंधित अधिकारी को भेजी गई थी, लेकिन अभी मंजूरी नहीं मिल पाई है। स्वीकृति लंबित रहने के कारण पेड़ों की कटाई पर रोक लगानी पड़ी है।सूत्रों के अनुसार, तहसीलदार और उप जिलाधिकारी के बीच विभागीय आपत्तियों और प्रक्रियागत मतभेदों के चलते मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। स्थानीय लोगों में भी इस विषय को लेकर चर्चा जारी है कि दूसरी बार बोली होने के बाद भी प्रक्रिया अधर में क्यों लटकी है।अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि उच्च अधिकारियों की स्वीकृति कब मिलेगी और पेड़ों की कटाई आगे बढ़ेगी या पुनः कोई नया निर्णय सामने आएगा।



