डीएम कुशीनगर की पहल, टाउनशिप और स्मार्टसिटी से बढ़ेगी बौद्ध तीर्थस्थल की ख्याति- 150 एकड़ में होगा विकसित

डीएम कुशीनगर की पहल, टाउनशिप और स्मार्टसिटी से बढ़ेगी बौद्ध तीर्थस्थल की ख्याति- 150 एकड़ में होगा विकसित
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि कुशीनगर में टाउनशिप के लिए जमीन चिन्हित की गई है। टाउनशिप और स्मार्टसिटी से कुशीनगर की ख्याति और बढ़ेगी। इससे कुशीनगर की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी। इसके लिए किसानों से जो भी जमीन प्रशासन लेगा, उसका उचित मुआवजा देगा।
बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर के समीप अब विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। कसया तहसील क्षेत्र के साखोपार और बहोरापुर गांवों में स्मार्ट सिटी विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। टाउनशिप के तहत चुने गए इन गांवों के लिए तहसील प्रशासन ने 100 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं कुल प्रस्तावित परियोजना करीब 150 एकड़ में विकसित की जानी है।आगामी दिनों में होने वाली कसाडा बोर्ड की बैठक में इस परियोजना पर मुहर लगने की पूरी संभावना हैं, क्योंंकि पिछले महीने हुई कसाडा बोर्ड की बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी है और इससे जुड़ी लगभग सारी प्रक्रिया जिला प्रशासन की ओर से पूरी कर ली गई है।
प्रस्तावित स्मार्ट सिटी की लोकेशन रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। यह परियोजना कुशीनगर से महज 10 किमी और कसया व जिला मुख्यालय के बीच लगभग छह किमी की दूरी पर एनएच-28बी के समीप स्थित है। ऐसे में इसे पर्यटन, व्यापार और आवासीय विकास के लिहाज से भविष्य का बड़ा केंद्र माना जा रहा है।कसया तहसील प्रशासन ने किसानों से सहमति लेकर करीब 70 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए तैयार कर लिया है। प्रशासन का कहना है कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
ग्रामीणों का मानना है कि मुआवजे से न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि वे बच्चों की शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय में निवेश कर सकेंगे। कुछ जमीन पडरौना तहसील में जिला मुख्यालय के आसपास भी चिन्हित किया गया है।
टाउनशिप के साथ स्मार्ट सिटी बनाने का जिला प्रशासन का प्रयास है, ताकि बुद्ध स्थली को विकास का पंख लग सके। टाउनशिप तथा स्मार्ट सिटी का सीधा असर कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर पड़ेगा। बुद्धस्थली के पास विकसित होने वाली यह सिटी देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, आवागमन और सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।इससे कुशीनगर की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि स्मार्ट सिटी बनने से क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। युवाओं को काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
टाउनशिप में होंगी ये सुविधाएंचौड़ी और स्मार्ट सड़कें बनाई जाएंगी। बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था होगी। निर्बाध जल और बिजली आपूर्ति, हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था, हरित क्षेत्र, पार्क और सार्वजनिक स्थल होंगे। व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। परियोजना के पूरा होने से ग्रामीण इलाकों का आधुनिक शहरी स्वरूप में बदलाव होगा। बुद्धस्थली पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।कुशीनगर में टाउनशिप के लिए जमीन चिन्हित की गई है। टाउनशिप और स्मार्टसिटी से कुशीनगर की ख्याति और बढ़ेगी। इसके लिए किसानों से जो भी जमीन प्रशासन लेगा, उसका उचित मुआवजा देगा। इसका लगभग प्रस्ताव तैयार हो चुका है। कसाडा बोर्ड की बैठक में इसके लिए हरी झंडी मिल जाएगी, क्योंकि तब तक बाकी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा: महेंद्र सिंह तंवर, डीएम



