
बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाजीपुर।
आज दिनांक।28/11/025को
टेरी संस्थान के छात्र पहुंचे राज्य विधि विज्ञान संस्थान, लखनऊ
फोरेंसिक, एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स की उन्नत तकनीकों का किया अवलोकन


गाजीपुर। तकनीकी शिक्षा एवं शोध संस्थान (टेरी) के MCA एवं BCA के विद्यार्थियों ने 27 नवम्बर 2025 को उत्तर प्रदेश राज्य विधि विज्ञान संस्थान, लखनऊ का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को अत्याधुनिक फोरेंसिक तकनीकों एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के अपराध अन्वेषण में उपयोग की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना था।संस्थान के निदेशक डॉ. जी. के. गोस्वामी ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीकें युवाओं के लिए व्यापक करियर संभावनाएँ खोल रही हैं। वहीं डी.आई.जी. श्री राजीव मल्होत्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि फोरेंसिक विज्ञान में एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स के एकीकरण से अपराध जांच और अधिक वैज्ञानिक, सटीक एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने इन क्षेत्रों में उपलब्ध उभरते करियर विकल्पों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।सूचना अधिकारी संतोष तिवारी के निर्देशन में विद्यार्थियों ने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया।भ्रमण के दौरान छात्रों ने—एआई लैब,यहाँ विद्यार्थियों ने फेस रिकग्निशन, पैटर्न एनालिसिस और डेटा इंटरप्रिटेशन जैसी एआई आधारित तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन देखा। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई किस प्रकार डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और अपराध रुझानों की भविष्यवाणी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।ड्रोन लैब,विद्यार्थियों को अपराध स्थल निरीक्षण, हवाई सर्वेक्षण, खोज एवं बचाव अभियानों में ड्रोन के उपयोग की जानकारी दी गई। विभिन्न प्रकार के ड्रोन मॉडलों और उनकी क्षमताओं का भी अवलोकन कराया गया।रोबोटिक्स लैब,छात्रों ने बम-निरोधन रोबोट, स्वचालित निरीक्षण इकाइयों और विभिन्न फील्ड-ऑपरेशन रोबोटों का प्रदर्शन देखा। विशेषज्ञों ने बताया कि रोबोटिक तकनीक किस प्रकार जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम करती है।डीएनए लैब,विद्यार्थियों को डीएनए प्रोफाइलिंग, सैंपल प्रोसेसिंग, जीन विश्लेषण तथा अपराध अन्वेषण में डीएनए तकनीक के उपयोग के बारे में वैज्ञानिकों ने विस्तृत जानकारी दी। छात्रों ने डीएनए परीक्षण में उपयोग होने वाली उन्नत मशीनों व विश्वस्तरीय पद्धतियों को नजदीक से देखा।डॉ. अजीत प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में छात्रों की शैक्षणिक एवं प्रायोगिक क्षमता के विस्तार हेतु यह भ्रमण आयोजित किया गया।शैक्षणिक भ्रमण का संयोजन एवं संचालन डॉ. अमित प्रताप और डॉ. अजातशत्रु सिंह द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने संस्थान की उन्नत प्रयोगशालाओं और अनुसंधान सुविधाओं की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी बताया।



