घोसी के पूर्व सांसद हरिनरायण राजभर का दुखद निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

घोसी के पूर्व सांसद हरिनरायण राजभर का दुखद निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
मऊ। घोसी लोकसभा के पूर्व सांसद हरिनरायण राजभर का रविवार की दोपहर लखनऊ के मैक्स हास्पिटल में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह की सरकार में 1997 से 2002 के बीच कारागार, लघु सिंचाई और ग्रामीण राज्य विकास मंत्री रहे। हरिनरायण राजभर बलिया जनपद के बेल्थरारोड विधानसभा के टंगुमनिया गांव के निवासी थे और सियर विधानसभा से विधायक चुने गए थे।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा और बसपा के उम्मीदवार दारा सिंह चौहान को भारी मतों से हराकर लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। इसके बाद, 1 सितंबर 2014 को उन्हें रसायन उर्वरक मंत्रालय समिति का सदस्य चुना गया। उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा है, जिसमें राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।
सांसद रहते हुए हरिनरायण राजभर ने पार्टी कार्यकर्ता योगेंद्र नाथ राय के समर्थन में पुलिस के खिलाफ सड़क पर अनशन किया था। इसके अलावा, पत्रकारों के एक मुद्दे को लेकर उन्होंने कोपागंज थाने में धरना भी दिया था। उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए काम किया।
हरिनरायण राजभर का निधन भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। वे एक ऐसे नेता थे जिन्होंने अपने क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनके निधन से उनके समर्थकों और परिवार में गहरा शोक है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरिनरायण राजभर की राजनीतिक यात्रा ने उन्हें एक प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित किया। उनके कार्यों ने न केवल उनके निर्वाचन क्षेत्र में बल्कि पूरे राज्य में उनकी पहचान बनाई। उनकी याद में आयोजित शोक सभाओं में उनके योगदान और कार्यों को याद किया जा रहा है।



