गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल के खिलाफ खजनी में इंडिया गठबंधन का जोरदार प्रदर्शन

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल के खिलाफ खजनी में इंडिया गठबंधन का जोरदार प्रदर्शन
गोरखपुर
गोरखपुर जनपद में भगवानपुर से आजमगढ़ तक निर्मित लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के विरोध में सोमवार को खजनी तहसील परिसर राजनीतिक हलचल का केंद्र बन गया। इंडिया गठबंधन के बैनर तले बड़ी संख्या में नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और टोल टैक्स को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने सरकारी विकास योजनाओं में विश्वास जताते हुए स्वेच्छा से अपनी उपजाऊ जमीनें बैनामे के जरिए सरकार को दीं। इसके बावजूद अब उसी सड़क पर चलने के लिए स्थानीय लोगों से नियमित रूप से टोल वसूला जा रहा है, जो सरासर अन्याय है। उनका कहना था कि यह दोहरी मार है।पहले जमीन गई और अब रोज़मर्रा की आवाजाही पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
नेताओं ने मांग की कि कम से कम 20 किलोमीटर के दायरे में स्थानीय निवासियों को टोल टैक्स से पूरी तरह मुक्त किया जाए, जैसा कि अन्य कई एक्सप्रेसवे और राजमार्ग परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को राहत देने के प्रावधान हैं।
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से मोटरसाइकिल चालकों, निजी चार पहिया वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली, अधिवक्ताओं, नौकरीपेशा लोगों और किसानों की समस्याओं को उठाया। बताया गया कि समय की बचत के लिए स्थानीय लोगों को दिन में कई बार इसी एक्सप्रेसवे से आना-जाना पड़ता है। बच्चों की शिक्षा, किसानों की खेती-बाड़ी, खरीदारी और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यह मार्ग अनिवार्य बन चुका है।
नारेबाजी के बाद इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन तैयार कर एसडीएम खजनी को सौंपा। ज्ञापन में टोल नीति को जनविरोधी बताते हुए जनपद स्तर पर स्थानीय नागरिकों का टोल टैक्स माफ करने की मांग की गई। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को सड़क से सदन तक और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान नेता जयराम यादव, कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, गठबंधन के वरिष्ठ नेता खरभान यादव, चन्द्र मणि यादव , ध्रुव नारायण योगेंद्र यादव , राणा यादव , रणजीत यादव , छोटेलाल यादव , राहुल सहित दर्जनों कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह संघर्ष स्थानीय जनता के हक और सम्मान की लड़ाई है, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।



