गोरखपुर : राजकुमार चौहान हत्याकांड: चिलुआताल पुलिस से छिनी विवेचना, अब गोरखनाथ थानेदार की निगरानी में होगा इंसाफ

राजकुमार चौहान हत्याकांड: चिलुआताल पुलिस से छिनी विवेचना, अब गोरखनाथ थानेदार की निगरानी में होगा इंसाफ
गोरखपुर। चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में न्याय की उम्मीद लगाए बैठी पीड़ित पत्नी की गुहार रंग लाई है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता और स्थानीय पुलिस पर उठ रहे सवालों को देखते हुए जांच को चिलुआताल थाने से हटाकर गोरखनाथ थाने ट्रांसफर कर दिया है।
मुख्य बिंदु:
अविश्वास की दीवार: मृतक की पत्नी ने चिलुआताल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा अविश्वास जताया था। उनका आरोप था कि स्थानीय पुलिस पार्षद समेत रसूखदार आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
नई निगरानी: अब इस हाई-प्रोफाइल केस की कमान गोरखनाथ थाने के इंस्पेक्टर संभालेंगे।
अब तक की कार्रवाई: हालांकि चिलुआताल पुलिस ने इस मामले में मुख्य अभियुक्तों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन “पार्षद कनेक्शन” को लेकर जांच अभी भी संदेह के घेरे में थी।



