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गोरखपुर : भाजपा नेता हत्याकांड का खुलासा, साजिश में शामिल 6 और गिरफ्तार

भाजपा नेता हत्याकांड का खुलासा, साजिश में शामिल 6 और गिरफ्तार

एक साल से चल रही थी हत्या की तैयारी, 11 बार चाकू से किया गया था हमला

गोरखपुर। चिलुआताल क्षेत्र में 17 मार्च की सुबह भाजपा नेता एवं प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए साजिश में शामिल 6 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में अब तक कुल 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जबकि एक बाल अपचारी की भी भूमिका सामने आई है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बरगदवा निवासी दीपक गौड़, लालजी यादव उर्फ गट्टू, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव तथा एक बाल अपचारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बाल अपचारी ने हत्या के बाद खून से सनी जैकेट को जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। इससे पहले मुख्य आरोपी राज चौहान उर्फ निरहुआ और उसके साथी विपिन यादव को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम थी, जिसकी तैयारी करीब एक साल से की जा रही थी। एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि साजिशकर्ताओं ने लगातार मुख्य आरोपी राज चौहान को हत्या के लिए उकसाया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में आरोपियों के बीच कई बार बातचीत के साक्ष्य मिले हैं, जिससे साजिश की पुष्टि हुई है।

घटना की पृष्ठभूमि में पुरानी रंजिश सामने आई है। बताया गया कि मृतक के भतीजे नीरज चौहान द्वारा 21 फरवरी को राज चौहान के भाई के साथ मारपीट की गई थी। जब राज की मां शिकायत लेकर गईं, तो उनके साथ भी अभद्रता की गई। इसी घटना के बाद राज चौहान के मन में बदले की भावना पनपी। हालांकि, साजिशकर्ताओं ने उसे नीरज के बजाय राजकुमार चौहान को निशाना बनाने के लिए उकसाया, यह कहते हुए कि “राजकुमार को हटाओ, बाकी अपने आप खत्म हो जाएगा।”

पुलिस के अनुसार, 14 मार्च को आरोपियों ने घटना स्थल की रेकी की थी, लेकिन उस दिन राजकुमार सुबह टहलने नहीं पहुंचे, जिससे योजना विफल हो गई। इसके बाद आरोपियों ने लगातार उनकी दिनचर्या पर नजर रखी। 17 मार्च की सुबह जैसे ही राजकुमार चौहान टहलने निकले, पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमलावरों ने चाकू से 11 बार वार कर उनकी हत्या कर दी। घटना के दौरान दहशत फैलाने के लिए तमंचे से फायरिंग भी की गई।

पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी राज चौहान और विपिन यादव को गिरफ्तार कर लिया था। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या में मुर्गा काटने वाले चाकू का इस्तेमाल किया गया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि नामजद आरोपी दीपक गौड़ और मुख्य आरोपी राज चौहान के बीच पिछले छह महीनों में करीब 35 बार फोन पर बातचीत हुई थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि हत्या की साजिश लंबे समय से रची जा रही थी। एएसपी उत्तरी के अनुसार, राज चौहान पहले दीपक गौड़ का डंपर चलाता था, जिससे दोनों के बीच पुराने संबंध थे।

वारदात की रात भी राज चौहान डंपर चलाने गया था। देर रात जब उसकी मां ने फोन कर घर आने को कहा, तो उसने डंपर के मिट्टी में फंसने का बहाना बनाकर अगले दिन आने की बात कही और फोन काट दिया। पुलिस का मानना है कि उसी दौरान हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया गया था।

पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में गीडा सीओ योगेंद्र सिंह और कैंपियरगंज सीओ अनुराग सिंह की टीम ने साक्ष्यों को जोड़कर साजिश का खुलासा किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश जारी है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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