गाजीपुर : सरकारी नई परती जमीन पर कब्जे की कोशिश नाकाम, एडीएम कोर्ट ने अपील की खारिज

गाजीपुर
सरकारी नई परती जमीन पर कब्जे की कोशिश नाकाम, एडीएम कोर्ट ने अपील की खारिज
गाजीपुर। जिले में सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) गाजीपुर की अदालत ने सरकारी भूमि से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए मो० अय्याज खां की अपील को खारिज कर दिया है। मामला आराजी संख्या 4733ग ग्रामसभा उसीया तहसील सेवराई से जुड़ा है, जिसमें सरकारी नई परती जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप सामने आया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 67(5) के अंतर्गत विचाराधीन था। अभिलेखों के अवलोकन में यह स्पष्ट हुआ कि विवादित भूमि आराजी संख्या 4733ग, कुल रकबा 0.51600 हेक्टेयर में से 0.010 हेक्टेयर भूमि नई परती यानी सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी में आती है। इस भूमि पर अपीलकर्ता द्वारा कब्जा किया गया था, जिसे प्रशासन ने अतिक्रमण मानते हुए बेदखल कर दिया।
अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उक्त भूमि धारा 77 के अंतर्गत निहित सार्वजनिक भूमि है, जिस पर किसी भी व्यक्ति को अवैध कब्जे के आधार पर कोई अधिकार प्राप्त नहीं हो सकता। अदालत ने यह भी माना कि अवर न्यायालय द्वारा पारित आदेश विधिसम्मत और अभिलेखों के अनुरूप है, इसलिए उसमें किसी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर 16 अगस्त 2024 को दायर अपील को निरस्त कर दिया गया।
हालांकि अदालत ने तहसील प्रशासन को निर्देश दिया है कि बेदखली की अंतिम कार्रवाई से पहले विवादित स्थल का दोबारा समुचित सीमांकन कराया जाए और यदि कोई निर्माण हो तो उसका भी स्पष्ट सीमांकन किया जाए। साथ ही संबंधित पक्षों को नियमानुसार सूचना देने के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस फैसले के बाद एक बार फिर साफ संदेश गया है कि जनपद में सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



