गाजीपुर, दुल्लहपुर : श्रद्धांजलि सभा व कार्यकर्ता सम्मेलन में न्याय की उठी मांग

श्रद्धांजलि सभा व कार्यकर्ता सम्मेलन में न्याय की उठी मांग

गाजीपुर, दुल्लहपुर (22 मार्च):कृणा मैरेज हाल, चौहान माट दुल्लहपुर में आम जनता पार्टी सोशलिस्ट के तत्वावधान में रविवार को श्रद्धांजलि सभा एवं कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सलाहकार नन्दलाल चौहान ने की, जबकि उद्घाटन राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव एडवोकेट ओमकार चौहान द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजेश चौहान ने कहा कि 17 मार्च को गोरखपुर के स्वर्गीय राजकुमार चौहान की हत्या से पूरा चौहान समाज मर्माहत है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि राजकुमार चौहान एक उभरते हुए युवा नेता थे। उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।
राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव एडवोकेट ओमकार चौहान ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब जागने का समय आ गया है। संगठित होकर हर अन्याय और अपराध के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ना होगा।
प्रदेश प्रभारी धर्मराज चौहान ने कहा कि आम जनता पार्टी सोशलिस्ट हर वर्ग—गरीब, मजदूर, किसान, नौजवान और छात्रों के हितों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार में चौहान समाज पर अत्याचार बढ़ा है और समाज को एकजुट होकर संघर्ष के लिए आगे आना होगा।
कार्यक्रम में डॉ. विनय कुमार सिंह चौहान (जौनपुर), डॉ. हरिकेश चौहान (गाजीपुर), रामचरन चौहान, राजकुमार चौहान (मऊ), हिटलर विश्वकर्मा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव प्रवीण कुमार सिंह, रामप्रीत चौहान, रामदयाल चौहान (बलिया), प्रचार मंत्री दिल्लू चौहान (मऊ), सुभाष चौहान, शिवपूजन चौहान, अर्जुन चौहान, राजकुमार राणा, रमाकांत राम, रामानंद चौहान आदि कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का संचालन मुन्द्रिका चौहान ने किया, जबकि सह-संचालन राष्ट्रीय सचिव अशोक चौहान ने किया। आयोजन जिलाध्यक्ष गाजीपुर केदार सिंह चौहान द्वारा किया गया।
सभा में प्रमुख रूप से निम्न मांगों पर विचार-विमर्श किया गया
स्वर्गीय राजकुमार चौहान की हत्या की सीबीआई जांच कराई जाए।
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा (फांसी) दी जाए।
पीड़ित परिवार को कम से कम 5 करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग दिया जाए।
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।



