गाजीपुर, जखनियां : जखनियां–फद्दुपुर मार्ग पर अटका विकास: भुड़कुड़ा बाजार के पास 500 मीटर पीच कार्य 25 दिनों से बंद, जनता में आक्रोश

जखनियां–फद्दुपुर मार्ग पर अटका विकास: भुड़कुड़ा बाजार के पास 500 मीटर पीच कार्य 25 दिनों से बंद, जनता में आक्रोश

गाजीपुर, जखनियां। जनपद गाजीपुर के जखनियां तहसील अंतर्गत जखनियां बाजार से फद्दुपुर तक बन रही सड़क का निर्माण कार्य जहां एक ओर तेजी से चल रहा है, वहीं भुड़कुड़ा पीजी कॉलेज के आगे से भुड़कुड़ा बाजार तक लगभग 400–500 मीटर में पीच का कार्य बीते 20–25 दिनों से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।सोमवार को जब पत्रकारों की टीम मौके पर पहुंची और कार्य रुकने का कारण जानना चाहा, तो लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारी राजेश कुमार एवं सुभाष राम ने बताया कि उक्त हिस्से में कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय ने स्वयं संज्ञान लिया है और वह मौके का निरीक्षण (मुआयना) करेंगे, जिसके बाद ही आगे का कार्य कराया जाएगा। मौके पर संबंधित ठेकेदार एवं अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
बताते चलें कि जखनियां–फद्दुपुर मार्ग क्षेत्र की एक प्रमुख संपर्क सड़क है, जो कई महत्वपूर्ण स्थलों को जोड़ती है। इस मार्ग पर सिद्ध पीठ हथियाराम भुड़कुड़ा मठ, पीजी कॉलेज सहित कई शैक्षणिक संस्थाएं एवं गैस एजेंसी स्थित हैं, जिससे इस सड़क का महत्व और भी बढ़ जाता है।धूल से लोग परेशान, स्वास्थ्य पर असर
सड़क निर्माण अधूरा होने के कारण मार्ग पर धूल का गुबार लगातार उड़ रहा है, जिससे आसपास के निवासी काफी परेशान हैं। लोगों का कहना है कि धूल के कारण सांस लेने में दिक्कत हो रही है और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण को रूकवाने पर भी सवाल खड़े किए हैं।लोगों को आशंका है कि यदि छुटी हुई सड़क का निर्माण कार्य नहीं हुआ, तो सड़क उसी तरह रह जायेगी।स्थानीय लोगों में असंतोष
क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय के बाद उन्हें एक अच्छी सड़क की सौगात मिली थी, लेकिन कार्य में लापरवाही और देरी से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। लोगों ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाए।अब प्रशासन पर टिकी है नजरें
फिलहाल लोगों की निगाहें जिलाधिकारी के निरीक्षण पर टिकी हुई हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह रुका हुआ कार्य जल्द पूरा होता है या फिर यह महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य भी कहीं लापरवाही या राजनीति का शिकार बनकर अधूरा ही रह जाता है।



