गाजीपुर : चार श्रम संहिताओं व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल

चार श्रम संहिताओं व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल
गाजीपुर। बीजेपी सरकार की मजदूर, किसान, नौजवान, महिलाएं, छात्र, मध्यम वर्ग एवं छोटे व्यापारियों विरोधी नीतियों के खिलाफ दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी आम हड़ताल आयोजित की जाएगी। यह जानकारी उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।
यूनियन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएं श्रमिक विरोधी हैं, जिनके माध्यम से मजदूरों के वर्षों से अर्जित अधिकार छीने जा रहे हैं। सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण, बिजली संशोधन विधेयक, किसान-मजदूर विरोधी कानून तथा विदेशी दबाव में किए गए मुक्त व्यापार समझौते देश की संप्रभुता, रोजगार और आम जनता की आजीविका पर सीधा हमला हैं।
प्रेस नोट में हड़ताल की प्रमुख मांगों में चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक, बिजली संशोधन विधेयक, बीज बिल एवं शांति एक्ट को निरस्त करने, मनरेगा को बहाल करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, न्यूनतम वेतन ₹26,000 लागू करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, आशा-आंगनवाड़ी सहित संविदा कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने तथा केंद्र व राज्य सरकारों के विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
यूनियन ने सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी कर्मचारियों, मजदूरों और आम जनता से अपील की है कि वे अपने बच्चों के भविष्य और देशहित में 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाएं।



