गाजीपुर : उच्च शिक्षा के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा: राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने किया स्वागत

गाजीपुर
उच्च शिक्षा के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा: राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने किया स्वागत
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस सराहनीय कदम का राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने भरपूर स्वागत किया है। प्रदेश प्रभारी प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने गत 5 फरवरी को ही मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ व उच्च शिक्षा मंत्री माननीय योगेन्द्र उपाध्याय को पत्र लिखकर उच्च शिक्षा के नियमित व स्ववित्तपोषित शिक्षकों सहित सभी को यह सुविधा दिलाने की मांग की थी।
पत्र में प्रोफेसर पाण्डेय ने याद दिलाया कि शिक्षक दिवस (5 सितंबर 2025) पर मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के शिक्षकों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों व राज्य विश्वविद्यालयों के स्ववित्तपोषित शिक्षकों को कैशलेस इलाज की घोषणा की थी, लेकिन कैबिनेट में उच्च शिक्षा विभाग का प्रस्ताव नहीं आया था। अब कैबिनेट प्रस्ताव के अनुसार, इन शिक्षकों व उनके आश्रित परिवार को सरकारी व निजी चिकित्सालयों में 5 लाख तक कैशलेस सुविधा मिलेगी। योजना उच्च शिक्षा विभाग के बजट से चलेगी व राज्य समग्र स्वास्थ्य एजेन्सी (साचीज) द्वारा संचालित होगी। कैशलैस चिकित्सा की दरें आयुष्मान भारत के मानकों पर आधारित होंगी।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री के त्वरित क्रियान्वयन की प्रशंसा की। इस व्यवस्था से लगभग दो लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिससे शिक्षा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी। यह निर्णय शिक्षकों के कल्याण में मील का पत्थर साबित होगा।



