गाजीपुर : अभियोजन समीक्षा बैठक में डीएम के निर्देश, गंभीर मामलों में जमानत पर रखें कड़ी नजर

अभियोजन समीक्षा बैठक में डीएम के निर्देश, गंभीर मामलों में जमानत पर रखें कड़ी नजर
गाजीपुर, 13 मार्च 2026 जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सत्र न्यायालय एवं अन्य अधिनियमों से संबंधित वादों की प्रगति, वारंट तामिली, गवाहों की उपस्थिति तथा जमानत प्रार्थना पत्रों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि सत्र न्यायालय में कुल 27 वादों का निस्तारण हुआ, जिनमें 10 मामलों में अभियुक्तों को सजा हुई जबकि 15 मामलों में अभियुक्त रिहा हुए। इसके अलावा 13 मामलों में अभियुक्त पक्षद्रोहिता के कारण रिहा हुए। अन्य अधिनियमों के अंतर्गत 11 वादों का निस्तारण हुआ, जिनमें सभी 11 मामलों में अभियुक्तों को सजा सुनाई गई।समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 605 वारंट जारी किए गए थे, जिनमें से 502 वारंट तामिल किए गए। वहीं 414 गवाह न्यायालय में उपस्थित हुए, जिनमें 394 गवाहों का परीक्षण हुआ जबकि 20 गवाहों का परीक्षण नहीं हो सका। इसका कारण पीठासीन अधिकारी का अवकाश पर रहना तथा अधिवक्ताओं का न्यायिक कार्य से विरत रहना बताया गया।इसके अतिरिक्त कुल 221 जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किए गए, जिनमें 162 स्वीकृत हुए जबकि 59 जमानत प्रार्थना पत्र अस्वीकृत किए गए।बैठक में जिलाधिकारी ने जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) एवं लोक अभियोजकों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में अभियुक्त रिहा हुए हैं, उनकी पुनः विधिवत समीक्षा की जाए। यदि शासकीय हित में उचित हो तो अपील का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने जयप्रकाश सिंह और अखिलेश सिंह (एडीजीसी) को भविष्य के लिए सचेत रहने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी शासकीय अधिवक्ताओं की एक वर्ष की परफारमेंस शीट तैयार कर उनकी व्यक्तिगत पत्रावली में रखी जाए, ताकि नवीनीकरण के समय उसका संज्ञान लिया जा सके। उन्होंने गंभीर धाराओं से जुड़े मामलों में अधिक से अधिक जमानत प्रार्थना पत्रों को अस्वीकृत कराने और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए उपलब्ध अन्य साक्षियों का भी साक्ष्य कराने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, अभियोजन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) उपस्थित रहे।



