
बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।
आज दिनांक।14/02/026को
गंगा में शव फेंककर हत्या का खुलासा: बहन-भाई गिरफ्तार, कर्ज विवाद बना वजह
गाजीपुर, 14 फरवरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में युवक की हत्या कर शव गंगा नदी में फेंकने की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए एक अभियुक्त और एक अभियुक्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, कर्ज के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया।पुलिस के मुताबिक 11 फरवरी 2026 को वादी धर्मदेव सिंह यादव निवासी बारहबंगला, थाना कोतवाली ने अपने 34 वर्षीय पुत्र मनोहर सिंह यादव के अपहरण की सूचना दी थी। इस संबंध में थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 92/2026 धारा 140(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान एसडीआरएफ टीम व स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा नदी से शव बरामद हुआ, जिसकी शिनाख्त मनोहर सिंह यादव के रूप में हुई। साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 103(1) व 238 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।जांच में ग्राम मेदनीपुर, थाना सुहवल निवासी परीक्षित सिंह (26) व उसकी बहन दीपा सिंह (30) का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने दोनों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार पूछताछ में अभियुक्त परीक्षित सिंह ने बताया कि मनोहर सिंह यादव उसकी बहन दीपा सिंह का कॉलेज के समय का परिचित था। दीपा वर्तमान में एसबीआई बैंक मऊ में कार्यरत है। आरोप है कि मनोहर ने करीब एक वर्ष पूर्व दीपा से 2.5 लाख रुपये उधार लिए थे, जो उसने अपनी एफडी तुड़वाकर दिए थे। रुपये वापस मांगने पर वह टालमटोल करता था और कथित रूप से बदनाम करने की धमकी देता था।9 फरवरी की रात मनोहर ने दीपा को फोन कर मिलने बुलाया। योजना के तहत उसे रौजा तिराहे से गंगा नदी रेलवे पुल के नीचे सुहवल की ओर बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद परीक्षित सिंह ने रुपये को लेकर विवाद किया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ने मिलकर मनोहर का गला दबा दिया और शव गंगा नदी में फेंक दिया। साक्ष्य छिपाने के लिए बाइक की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाई तथा हेलमेट, चाबी व मोबाइल फोन पुल से नीचे नदी में फेंक दिए।गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मय टीम, महिला कांस्टेबल शारदा पटेल व महिला कांस्टेबल अनु श्रीवास्तव शामिल रहीं। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपितों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।



