केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, असिस्टेंट को इस राज्य से आया फोन

केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, असिस्टेंट को इस राज्य से आया फोन
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली है। चौधरी के निजी सहायक ने दिल्ली के तुगलक रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी उनके निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। धमकी देने वाले की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी इस्माइल के रूप में हुई है।आरोप है कि इस्माइल के पास मंत्री के आधिकारिक दौरे की योजना की एक प्रति मौजूद थी। दिल्ली पुलिस ने इस गंभीर मामले में तत्काल शिकायत दर्ज कर ली है। पश्चिम बंगाल पुलिस भी इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।
शिकायत दिल्ली के तुगलक सड़क थाने में दर्ज कराई गई है। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच दल ने धमकी भरे कॉल और व्हाट्सएप संदेशों का विश्लेषण शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल पुलिस मुर्शिदाबाद में इस्माइल के संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मंत्री के दौरे की गोपनीय जानकारी इस्माइल तक कैसे पहुंची।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआरपुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च को सुबह करीब 11 बजे मंत्री के मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी। उसने पूछा कि क्या फोन पर भेजे गए कागजात देखे हैं। व्हाट्सएप पर मंत्री का ‘सरकारी टूर प्रोग्राम’ भेजा गया था, जिस पर स्पष्ट रूप से ‘इनको गोली मार दो’ लिखा था। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप पर लोकेशन और वॉयस मैसेज भी भेजे गए जिनमें लगातार जान से मारने की धमकियां थीं। जब दोबारा उस नंबर पर फोन किया गया तो धमकी देने वाले ने बताया कि टूर प्रोग्राम उसे ‘ऊपर से’ भेजा गया था।आवास पर संदिग्ध जासूसीएक और गंभीर जानकारी सामने आई है कि कोई अज्ञात व्यक्ति मंत्री के आवास के पिछले गेट की जासूसी कर रहा है। वह इस बात की निगरानी रख रहा है कि दरवाजा किस समय खुलता-बंद होता है और कौन आता-जाता है। लगभग तीन दिन पहले रात नौ से दस बजे के बीच एक सफेद रंग की स्विफ्ट गाड़ी कोठी के दूसरी तरफ काफी देर तक खड़ी रही। गाड़ी के शीशे काले थे और उसमें सवार लोग कोठी की निगरानी कर रहे थे।धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांचधमकी मिलने के तुरंत बाद तुगलक सड़क थानाध्यक्ष को फोन के माध्यम से सूचना दी गई। मोबाइल पर प्राप्त सभी साक्ष्य पुलिस को भेज दिए गए हैं। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।



